BNP NEWS DESK। Human Trafficking तस्करी की नीयत से वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र में मां-बाप के साथ सो रहे चार वर्षीय बच्चे का अपहरण करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने सोमवार को दोषी करार सात अभियुक्तों में शिवदासपुर (मंडुवाडीह) के संतोष गुप्ता, शिखा, जयपुर के मनीष जैन व झारखंड के कोडरमा निवासी महेश राणा, हजारीबाग के मुकेश पंडित, गिरिडीह के महेश राणा, सुनीता देवी को आजीवन कारावास व प्रत्येक को 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने बच्चे का अपहरण करने के आरोप में अभियुक्त संतोष गुप्ता को सात साल की कठोर कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अदालत ने अभियुक्तों द्वारा जुर्माना देने पर उसकी आधी धनराशि बतौर क्षतिपूर्ति पीड़ित को देने का आदेश दिया है।
अभियुक्तों का अपराध गंभीर, सामाजिक और मानवता को शर्मसार करने वाला
Human Trafficking अदालत ने आदेश में कहा कि अभियुक्तों का अपराध गंभीर, सामाजिक और मानवता को शर्मसार करने वाला है। जीवन हमारे निर्माता का उपहार है और इसे कभी भी विक्रय के लिए नहीं रखा जाना चाहिए। ऐसी परिस्थिति में दोषसिद्ध अभियुक्तों को उपरोक्त सजा से दंडित किया जाना न्याय की मंशा के अनुरूप होगा।
गत शुक्रवार को अदालत ने सातों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 24 नवंबर की तिथि मुकर्रर की थी। जबकि इसी प्रकरण में साक्ष्य न मिलने पर अदालत ने नौ आरोपितों में हजारी बाग की अनुराधा देवी, यशोदा पंडित, मदन मोदी उर्फ मदन बरनवाल, कोडरमा के जगबीर बरनवाल, संगीता देवी, संतोष साव, गुड़िया देवी, कपसेठी के शिवम गुप्ता उर्फ प्रवीण मोदनवाल, मंडुवाडीह के संजय गुप्ता उर्फ संजय मोदनवाल को दोषमुक्त कर दिया था। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी मुनीब सिंह चौहान, एडीजीसी मनोज कुमार गुप्ता व वादी पक्ष के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण ने पैरवी की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सामने घाट, लंका निवासी संजय की तहरीर पर भेलुपूर पुलिस ने 16 मई 2023 को केस दर्ज किया था। आरोप था कि संजय अपनी पत्नी और चार साल के बेटे के साथ रवींद्रपुरी कालोनी स्थित रामचंद्र शुक्ल शोध संस्थान के पास सोया था। सुबह जब उठा तो उसका बच्चा गायब था।
सीसीटीवी फुटेज में अभियुक्त बच्चे को गाड़ी में डालकर ले जाते देखा गया
विवेचना में सीसीटीवी फुटेज में अभियुक्त संतोष गुप्ता बच्चे को उठाकर गाड़ी में डालकर ले जाते देखा गया। पुलिस ने 21 मई को नवाबगंज, भेलूपुर स्थित कूड़ेखाने के पास से संतोष गुप्ता को गिरफ्तार किया और उसके घर से अपहृत बच्चे का बनियान बरामद किया।
विवेचना में पुलिस ने 23 मई को मंडुवाडीह (बनारस) रेलवे स्टेशन के सामने टैक्सी स्टैंड से आगे कैलाशपुरी आश्रम मोड़ के पास खड़ी आर्टिगा से चोरी हुआ बच्चा बरामद किया गया। कार की चालक सीट पर मनीष जैन बैठा था। इस मामले में पुलिस ने अन्य आरोपितों को संलिप्तता के आधार पर गिरफ्तार किया और विवेचना पूरी कर 16 अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दी। अदालत में सुनवाई के दौरान अपहृत मासूम के पिता समेत 13 गवाहों ने गवाही दी। Human Trafficking
विवेचक के खिलाफ कार्रवाई का अदालत का आदेश
बच्चे के अपहरण जैसे गंभीर मामले में विवेचना में उपेक्षा किए जाने के कृत्य पर अदालत ने विवेचक व दारोगा आनंद कुमार चौरसिया के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करते हुए कार्रवाई के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि घटनास्थल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज को आरोपपत्र के साथ दाखिल न करके लगभग दो वर्ष के अंतराल के बाद मुकदमा की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया। अभियुक्तों के बरामद मोबाइलों का सीडीआर व कस्टमर अप्लीकेशन फार्म भी प्राप्त नहीं किया गया है जो विवेचनाधिकारी की त्रुटि उसकी उपेक्षा व अकर्मण्यता को दर्शित करता है।
बच्चे के अपहरण जैसे गंभीर मामले में जांच अधिकारी द्वारा उपेक्षा किए जोन के कृत्य के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश के तहत आवश्यक कार्यवाही के लिए कमेटी को भेजा जाना समीचीन है। Human Trafficking
















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