BNP NEWS DESK। illegal embassy सोचिए, कोई आपके सामने आए और कहे कि वह ‘वेस्टार्कटिका’ या ‘सेबोर्गा’ जैसे किसी देश का राजनयिक (Diplomat) है। इतना ही नहीं आप ये मान भी लें। फिर पता चले कि जिनका नाम लिया जा रहा है, असल में वे देश हैं ही नहीं।
आरोपित हर्षवर्धन जैन खुद को चार देशों का प्रतिनिधि बताकर दूतावास चला रहा था। ये देश हैं- सेबोर्गा (Seborga), वेस्टार्कटिका (Westarctica), पौल्विया (Paulvia) और लैडोनिया (Ladonia)।
illegal embassy हैरानी की बात ये है कि इनमें से सेबोर्गा असल में इटली का एक छोटा सा गांव है, जिसे कुछ लोग ‘माइक्रोनेशन’ मानते हैं, जबकि बाकी नाम तो इंटरनेट पर ही बने फर्जी देश हैं, जिनका कोई वजूद ही नहीं है।
गाजियाबाद में एसटीएफ ने कवि नगर इलाके के एक मकान में अवैध रूप से कई देशों के दूतावास चला रहे हर्षवर्धन नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित से विभिन्न देशों की मुद्रा, 20 डिप्लोमेटिक गाडियों की नंबर प्लेट, चार डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट लगी हुई गाडियां आदि सामान बरामद हुआ।
एसटीएफ ने कार्रवाई से पहले केंद्रीय एजेंसी से भी इसकी जानकारी ली, पता चला कि इसमें विदेश मंत्रालय से कोई कनेक्शन नहीं है। एसटीएफ ने देर रात पहुंच कर छापेमारी की। आरोपित हर्षवर्धन जैन कई वर्षों से देश विदेश मे लोगों को काम दिलाने के नाम पर दलाली कर रहा था, लोगों से मोती रकम वसूलता था।
विदेश में कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने माइक्रोनेशन के नाम पर स्वंयभू देश घोषित कर रखा है। ऐसे लोग हर देश में सरकार एवं निजी कंपनी के दलाली का काम करते हैं।
उसने सेबोर्गा देश के डिप्लोमेटिक पासपोर्ट बनवाए थे। लोगों को झांसा देने के लिए फेसबुक पर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित अन्य देश के जाने माने लोगों के फोटो एडिट कर अपने साथ पोस्ट किए हुए थे।















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