BNP NEWS DESK। Sambhal Violence Report संभल हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने 450 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी। रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि आजादी के समय संभल में 45 प्रतिशत हिंदू आबादी थी पर इस शहर के लगातार दंगों की आंच में झुलसने से यहां इनकी जनसंख्या अब लगभग 15 प्रतिशत रह गई है।
Sambhal Violence Report संभल में पिछले वर्ष 24 नवंबर को जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा के बाद न्यायिक आयोग का गठन किया गया था। हिंसा के दौरान पठान व तुर्क के बीच हुई फायरिंग में चार लोगों की जान गई थी। जांच रिपोर्ट में हिंसा का कारण सांसद जियाउर्रहमान बर्क के भड़काऊ भाषण को बताया गया है।
इस भाषण से ही तुर्क व पठान में तनाव बढ़ा था। सूत्रों का कहना है कि 22 नवंबर 2024 को सपा सांसद ने जामा मस्जिद में पठानों को लेकर भड़काऊ बयान दिया था। उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की गई थी। इससे पठानों में रोष था और 24 नवंबर को सर्वेक्षण के दौरान तुर्क व पठान आमने-सामने आ गए थे। जांच रिपोर्ट से सामने आया है कि संभल में जनसांख्यिकी परिवर्तन के पीछे सुनियोजित दंगे व भय का माहौल बनाया जाना प्रमुख कारण है।
















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