बीएनपी न्यूज डेस्क। रेलवे की नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (एनटीपीसी) भर्ती परीक्षा परिणाम के विरोध में मंगलवार दोपहर अचानक प्रयाग स्टेशन पर ट्रेन रोकने, ट्रेन में आग लगाने की कोशिश करने और अराजक तत्वों पर बल प्रयोग का मामला बुधवार को सरगर्म रहा। ड्यूटी में लापरवाही तथा डेलीगेसी में घुस कर युवाओं पर लाठी चलाने वाले छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस बीच पथराव के पीछे राजनीतिक फंडिंग के संकेत मिले हैं। पुलिस ने प्रकरण की जांच के लिए 11 सदस्यीय टीम गठित की है। पथराव के आरोप में दो छात्रों को गिरफ्तार किया गया है।
एसएसपी अजय कुमार ने बुधवार को मीडिया को बताया कि राजेश सचान नामक युवक ने इंटरनेट मीडिया के जरिये छात्रों को भड़काया था। उसी ने ट्रेन में पथराव और तोड़फोड़ करने की साजिश रची थी। कर्नलगंज पुलिस ने राजेश सचान, कुशीनगर के मुकेश यादव और रायबरेली के प्रदीप यादव व एक हजार अज्ञात छात्रों के खिलाफ 13 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपित मुकेश यादव और प्रदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसएसपी के मुताबिक छानबीन में पता चला है कि युवाओं को साजिश के तहत भड़काया गया था। इस राजनीतिक पक्ष की ओर से भी फंडिंग करने की बात सामने आई है। इसका पता लगाने के लिए टीम गठित की गई है। जांच में अगर राजनीतिक पार्टी की संलिप्तता सामने आई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग को रिपोर्ट की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि किसी भी निर्दोष छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। छात्रों को ढाल बनाकर अराजक तत्वों ने उपद्रवियों को उनके बीच ला दिया था, जिससे माहौल खराब हो गया। डेलीगेसी में तोड़फोड़ पर सिपाही सिपाही मोहम्मद आरिफ, दुर्वेश कुमार और अच्छेलाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इसके साथ ही अराजक तत्वों के खिलाफ तत्काल निरोधात्मक कार्रवाई नहीं करने पर चौकी इंचार्ज एनी बेसेंट चौकी दीपक चहल और इंटरनेट मीडिया का ठीक से पर्यवेक्षण न करने पर सोशल मीडिया प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश भारती व दरोगा शैलेंद्र को भी एसएसपी ने निलंबित कर दिया है।
















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