गीत-गुलाल से सजे उत्सव में युवा हो उठी बुढ़वा मंगल की परंपरा

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Budhava Mangal

BNP NEWS DESK। Budhava Mangal काशी की महिलाओं की प्रतिष्ठित संस्था संस्कार की ओर से मंगलवार को बुढ़वा मंगल का उत्सव का आयोजन महमूरगंज स्थित रमन निवास में किया गया। हरे-भरे बाग में जब ऋतु अनुकूल गीतों के बीच गुलाल उड़े तो बनारस की प्राचीन परंपरा जवान हो उठी। गुलाब की महमह पंखुड़ियों व गुलाब जल की फुहार से स्वागत-अभिनंदन किया गया और अबीर-गुलाल लगा कर बधाइयों का आदान -प्रदान किया गया।

डा. सुचरिता गुप्ता ने चैती के साथ दादरा, ठुमरी की प्रस्तुतियों से किया मंत्र मुग्ध

Budhava Mangal  विदुषी गायिका सुचरिता गुप्ता ने स्व. सिद्धेश्वरी देवी की बंदिशों को प्रस्तुत किया। उन्होंने मिश्र खमाज में ‘श्याम जाओ तुम श्याम जहां सारी रैना जगे हों…’ की सुंदर प्रस्तुति की। ठुमरी ‘मोरे पिया नहीं पास री मैं कैसे केशर रंग घोलूं…’ को स्वर दिया। होरी ‘होरी मैं खेलूंगी श्याम से डट के…’ और ‘हम तो खेलूंगी उन्हीं से होरी गुईया…’ को सुरों से सजाया। दादरा ‘सुतल सैयां के जगावे हो रामा कोयल तोरी बोली…’ व भैरवी चैती में ‘महुआ मदन बरसे हो रामा…’ से झूमने पर विवश कर दिया।

तबले पर पंकज राय, तानपुरे पर दीप्ति तैलंग व हारमोनियम पर पंकज मिश्र ने साथ दिया। संस्कृतिसेवी अरुणा रमन ने उत्सव के इतिहास पर प्रकाश डाला। मंजू सुंदरम, श्यामसुंदर जायसवाल, विनोद अग्निहोत्री, वीना अग्निहोत्री, अरविंद अग्रवाल, अशोक कुमार गुप्ता आदि थे।

दीर्घायु मंगल उत्सव में सम्मानित किए गए वरिष्ठजन

 

वंदेमातरम समिति की ओर से मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बाबा साहब घटाटे राम मंदिर गोदौलिया में दीर्घायु मंगल (बुढ़वा मंगल) उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें सत्यनारायण पीपलवा, डा. बैजनाथ, डा. सोहनलाल आर्य समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान देने वाले 21 वरिष्ठजन को सम्मानित किया गया।

माल्यार्पण, तिलक, अबीर-गुलाल, टोपी, अंगवस्त्रम, रुद्राक्ष आदि से उनका स्वागत किया गया। वरिष्ठजनों से संस्मरण सुने और आशीर्वाद लिया। संयोजन अनूप जायसवाल व प्रदीप चौरसिया, संचालन धीरेंद्र शर्मा, धन्यवाद ज्ञापन मनीष चौरसिया ने किया।

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Author: BNPNEWS

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