bnp news desk । Ethanol LPG आने वाले समय में कृषि उत्पादों से बनने वाला एथनाल रसोई गैस (एलपीजी) का विकल्प बन सकता है। इसके लिए विभिन्न संस्थानों में एथनाल से चलने वाले कुकिंग स्टोव विकसित करने पर काम चल रहा है।
Ethanol LPG मंगलवार को फेडरेशन आफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (एफआइपीआइ) के निदेशक आरएस रवि ने बताया कि एलपीजी इक्विपमेंट रिसर्च सेंटर (एलईआरसी) और विभिन्न आइआइटी की मदद से एथनाल से चलने वाले कुकिंग स्टोव के प्रोटोटाइप (नमूने) जल्द तैयार हो सकते हैं।
तेल उद्योग में बदलाव की जरूरत
आल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (एआइडीए) को संबोधित करते हुए रवि ने कहा, “यह एक बिल्कुल अलग तरह का काम है। अभी तक, आप जिस तरह से तेल उद्योग का समर्थन कर रहे थे, लेकिन अब इसमें बदलाव की जरूरत है।
यह सप्लाई चेन कैसे विकसित की जाएगी और इसे किस रूप में पहुंचाएगा जाएगा, वह बहुत ही महत्वपूर्ण है।’ उन्होंने कहा, “क्या एआइडीए आगे आकर हमें ऐसे सुझाव दे सकता है कि हम भारत में एथनाल को खाना पकाने के ईंधन के रूप में कैसे संभव बना सकते हैं।” रवि ने यह बात उस समय कही जब भारत में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनाल मिश्रण को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है।
इसे संभव बनाने का श्रेय डिस्टिलरी उद्योग को
उन्होंने इसे संभव बनाने का श्रेय डिस्टिलरी उद्योग को दिया। इसी कार्यक्रम में खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित अनाज में टूटे चावल के आवंटन को 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष रखेगी। इससे एथनाल सेक्टर के लिए सालाना लगभग 90 लाख टन टूटा चावल उपलब्ध हो सकेगा।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य एथनाल उद्योग को सालभर कच्चे माल की स्थिर आपूर्ति प्रदान करना है, जिससे भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) के साबुत अनाज के भंडार पर इसकी निर्भरता कम हो जाएगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वर्तमान में वितरित अनाज में 25 प्रतिशत टूटे हुए चावल होते हैं जो 80 करोड़ लाभार्थियों को प्रदान किए जाते हैं।
नई योजना के तहत इसे घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया जाएगा। प्रतिवर्ष वितरित होने वाले करीब 360-370 लाख टन चावल में से बचे हुए अतिरिक्त टूटे चावल को एथनॉल उत्पादकों, पशु आहार निर्माताओं और अन्य को नीलामी के माध्यम से बेचा जाएगा। पांच राज्यों में इसका प्रायोगिक परीक्षण पहले ही किया जा चुका है। Ethanol LPG
















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