BNP NEWS DESK। International Energy Agency तेल आपूर्ति को लेकर खड़े हुए संकट को देखते हुए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) कर्मचारियों को घर से बैठकर काम करने की सलाह दी है। साथ ही उसने गैर जरूरी हवाई यात्राओं से बचने को भी कहा है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले और तेहरान की तरफ से की गई जोरदार जवाबी कार्रवाई के बाद तेल की कीमतें बढ़कर 110 डालर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई हैं।
International Energy Agency भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है और वैश्विक कीमतों में यह उछाल उसके आयात बिल को काफी बढ़ा देगा। इससे उसका चालू खाता घाटा बढ़ेगा।
आईईए ने अपनी एक नई रिपोर्ट में कहा कि घरों, व्यवसायों और व्यापक अर्थव्यवस्था पर बढ़ती कीमतों के असर को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। आइईए ने सरकारों, व्यवसायों और घरों के लिए 10 ऐसे उपायों की रूपरेखा तैयार की है, जिनसे ईंधन की खपत कम की जा सके और कीमतों का दबाव कम हो सके।
मुख्य उपायों में आने-जाने में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की बचत के लिए ‘रिमोट वर्क’ (घर से काम) को बढ़ावा देना, हाईवे पर गाड़ियों की गति कम से कम 10 किलोमीटर प्रति घंटा कम करना, सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को प्रोत्साहित करना और बड़े शहरों में निजी वाहनों के प्रवेश को सीमित करना शामिल है।
अतिरिक्त उपायों में ड्राइविंग की दक्षता में सुधार करना, व्यावसायिक हवाई यात्राओं में कटौती करना, गैर-जरूरी कामों के लिए एलपीजी का इस्तेमाल बंद करना और उद्योगों में ईंधन की दक्षता को बढ़ाना शामिल है। International Energy Agency
प्राइवेट कारों के बजाय बसों और ट्रेनों जैसे सार्वजनिक परिवहन से करें सफर
आईईए ने कहा, जिन लोगों के लिए घर से काम करना मुमकिन है, उनके लिए तीन अतिरिक्त दिन घर से काम करने से कारों से होने वाली तेल की खपत में 2-6 प्रतिशत की कमी आ सकती है और हर ड्राइवर के लिए यह कमी औसतन लगभग 20 प्रतिशत तक हो सकती है।
प्राइवेट कारों के कुल तेल इस्तेमाल में 1-6 प्रतिशत की कमी आ सकती है। भारी माल ढोने वाले ट्रक अपनी पहले से ही कम स्पीड की वजह से लगभग पांच प्रतिशत तेल बचा सकते हैं।
आईईएने कहा, “प्राइवेट कारों के बजाय बसों और ट्रेनों जैसे सार्वजनिक परिवहन से सफर करने से कारों के लिए राष्ट्रीय तेल इस्तेमाल में एक से तीन तक की कमी आ सकती है।
आईईए ने आगे कहा कि कारोबार के मकसद से होने वाली उड़ानों में लगभग 40 प्रतिशत की कमी करना कम समय में मुमकिन है और काम से जुड़ी उड़ानों में कमी लाने वाले अभियानों में बहुत ज़्यादा लोगों के शामिल होने से जेट केरोसिन की मांग में 7-15 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। International Energy Agency
















Discussion about this post