BNP NEWS DESK। Rajya Sabha Election राज्यसभा की रिक्त 37 सीटों में से 11 पर सोमवार को हुए चुनाव में बिहार में एनडीए ने सभी पांच सीटें जीत ली हैं। राज्य में 12 वर्ष बाद हुए मतदान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर एवं भाजपा के प्रदेश महामंत्री शिवेश कुमार विजयी घोषित किए गए। इससे पहले 2014 में मतदान हुआ था।
Rajya Sabha Election ओडिशा में चार सीटों पर चुनाव में तीन सीटें भाजपा के खाते में गईं, जबकि एक सीट बीजू जनता दल के हिस्से में आई। हरियाणा में देर रात आए चुनाव नतीजों में भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीटें जीतीं। मतदान तो शांतिपूर्वक हो गया था, लेकिन तीन वोट पर आपत्तियों के कारण मतगणना तय समय पर शुरू नहीं हो सकी।
बाद में चुनाव आयोग ने दो वोट को सही माना जबकि एक वोट रद कर दिया। इसके बाद मतगणना शुरू हुई तो भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध विजेता घोषित हुए।
बता दें कि राज्यसभा की अन्य 26 सीट पर प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
मतगणना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पहली प्राथमिकता के 44-44 मत प्राप्त हुए। एनडीए के तीसरे प्रत्याशी रामनाथ ठाकुर एवं चौथे उपेंद्र कुशवाहा को पहली प्राथमिकता के 42- 42 मत मिले। जबकि, एनडीए के पांचवें प्रत्याशी शिवेश कुमार को पहली प्राथमिकता के 30 वोट मिले। उधर, महागठंधन के प्रत्याशी अमरेंद्र धारी सिंह को पहली प्राथमिकता के 37 मत प्राप्त हुए। पांचवें प्रत्याशी को जीत के लिए लगभग न्यूनतम 40 मत की आवश्यकता थी।
जैसे ही दूसरी प्राथमिकता के मतों की गिनती आरंभ हुई, उसमें भाजपा के शिवेश कुमार को 40 से अधिक मत प्राप्त हुए। बताया जा रहा है कि महागठबंधन के प्रत्याशी अमरेंद्र धारी सिंह को गठबंधन की ओर से 37 मत मिले, जो जीत के लिए पर्याप्त नहीं थे। दूसरी प्राथमिकता में उनको मत नहीं मिलने का लाभ एनडीए प्रत्याशी शिवेश कुमार को मिला और वे बिना किसी बाधा को राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित कर दिए गए।
कांग्रेस के तीन व राजद के एक विधायक रहे अनुपस्थित
मतदान से महागठबंधन के चार विधायक अनुपस्थित रहे। इनमें कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद, मनोहर प्रसाद सिंह व मनोज विश्वास के अतिरिक्त राजद के विधायक फैसल रहमान शामिल हैं। अंतिम समय तक कांग्रेस एवं राजद विधायक के आने की प्रतीक्षा अमरेंद्र धारी करते रहे। Rajya Sabha Election
ओडिशा में कांग्रेस व बीजद के खेमे से क्रास वोटिंग
ओडिशा में भाजपा से प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल, सुजीत कुमार जबकि बीजद से संतृप्त मिश्र का चयन संख्या के हिसाब से पहले ही कर लिया गया था। चौथी सीट पर दोनों ही तरफ से दावे ठोंके गए थे। संख्या के हिसाब से यह सीट बीजद-कांग्रेस गठबंधन के खाते में जाती दिख रही थी, लेकिन तीन कांग्रेस और आठ बीजद विधायकों की क्रास वोटिंग के कारण चौथी सीट भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार दिलीप रे ने जीत ली और गठबंधन के उम्मीदवार डा. दत्तेश्वर होता को पराजय का सामना करना पड़ा।
चुनाव में सभी 147 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कांग्रेस विधायकों रमेश जेना, दाशरथी गमांग, सोफिया फिरदौस और बीजद विधायकों चक्रमणि कंहर, सौभिक बिस्वाल, नव किशोर मलिक, सुभासिनी जेना, देवी रंजन त्रिपाठी, रमाकांत भोई, सनातन महाकुड़, अरविंद महापात्र ने क्रास वोटिंग की।
हरियाणा में भाजपा-कांग्रेस ने दर्ज कराई आपत्ति
हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस की ओर से एक-दूसरे के विधायकों के वोटों पर आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद चुनाव अधिकारी ने शिकायतें केंद्रीय चुनाव आयोग को भेज दीं। आयोग ने कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह के खिलाफ भाजपा की शिकायत को ठीक मानते हुए उनके वोट को रद कर दिया।
भाजपा के अनिल विज और कांग्रेस के भरत सिंह बेनीवाल के खिलाफ शिकायत को गलत मानते हुए उनके वोट को वैध करार दिया। इससे पहले हरियाणा विधानसभा के कमेटी रूम में कुल 90 सदस्यों वाली विधानसभा में से 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इंडियन नेशनल लोकदल के दोनों विधायक अर्जुन चौटाला और अदित्य देवीलाल चौटाला ने मतदान से दूरी बनाए रखी। भाजपा से संजय भाटिया, कांग्रेस से कर्मवीर बौद्ध और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल मैदान में थे। Rajya Sabha Election
















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