BNP NEWS DESK। Mumbai Hostage मुंबई पुलिस ने गुरुवार को पवई इलाके में एक स्टूडियो से 17 बच्चों सहित 19 लोगों को बचा लिया। साथ ही उन्हें बंधक बनाने वाले व्यक्ति रोहित आर्य की आपरेशन के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। गुरुवार दोपहर 1.45 बजे शुरू हुआ यह ड्रामा करीब ढाई घंटे चला। अंत में बच्चों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया।
गुरुवार दोपहर 1.45 बजे पवई पुलिस थाने में एक व्यक्ति का फोन आया, जो यह कहते सुना गया कि उसने आरए स्टूडियो में 17 बच्चों को बंधक बना रखा है। यदि उसकी बात नहीं मानी गई तो वह पूरे स्टूडियो को आग लगाकर बच्चों को नुकसान पहुंचा सकता है और अपनी भी जान दे सकता है। उसने इंटरनेट मीडिया पर अपना एक वीडियो भी जारी किया।
आत्महत्या करने के बजाय यह तरीका अपनाया
Mumbai Hostage चेहरे से पढ़ा-लिखा लगने वाला रोहित वीडियो में यह कहता दिखाई दे रहा है कि आत्महत्या करने के बजाय मैंने यह तरीका अपनाया है। मैंने कुछ बच्चों को बंधक बनाया है। मेरी कुछ मांगें हैं। जो पूरी तरह नैतिक और जायज हैं। मेरी कोई वित्तीय मांग नहीं है। बस मेरे कुछ सवाल हैं। मुझे कुछ लोगों से बात करनी है। उनके जवाब पर अगर कुछ पूछना हुआ, तो और सवाल भी करूंगा।
लेकिन मुझे जवाब चाहिए। मुझे और कुछ नहीं चाहिए। न मैं आतंकी हूं। न मेरी बहुत बड़ी पैसों की मांग है। पैसों की मांग तो है ही नहीं, और मेरी मांग अनैतिक तो बिल्कुल भी नहीं है। बस सिर्फ बातचीत करनी है। जिसके लिए इन बच्चों को बंधक बनाया हुआ है। यह मैं एक योजना के तहत करना चाहता हूं।
हमें कुछ बदलाव चाहिए। जिंदा रहा तो मैं करूंगा। नहीं तो कोई और करेगा। हो सकता है, ये बच्चे ही करेंगे, जिन्हें मैंने बंधक बना रखा है। आपकी तरफ से कोई भी गलत कदम मुझे भी गलत कदम उठाने के लिए उकसा सकता है।
50 वर्षीय रोहित का फोन आने और यह वीडियो प्राप्त होने के बाद पुलिस ने पवई पुलिस थाने से सिर्फ आधा किलोमीटर दूर स्थित उस महावीर क्लासिक बिल्डिंग की घेरेबंदी कर दी, जहां स्थित आरए स्टूडियों में बच्चों को बंधक बनाया गया था।
स्टूडियो के बाथरूम की ग्रिल काटकर अंदर घुसने का रास्ता बनाया
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, जब उन्हें पता चला कि बंधक बनाने वाले व्यक्ति के पास कुछ खतरनाक केमिकल्स हैं, तो उन्होंने उससे बातचीत करने की कोशिश की। लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। अंततः पुलिस को स्टूडियो के बाथरूम की ग्रिल काटकर अंदर घुसने का रास्ता बनाना पड़ा।
इंस्पेक्टर विजय सालुंखे अपनी टीम के साथ बाथरूम के रास्ते से अंदर घुसे और उस व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश की। इसी बीच उसने पुलिस पर गोली चलाई, तो पुलिस को भी जवाबी फायर करना पड़ा। कुछ देर बाद पुलिस टीम रोहित आर्या को घायलावस्था में स्टूडियो के बाहर लाती दिखाई दी।
उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को रोहित के पास से एक एयरगन एवं कुछ केमिकल मिले हैं। पुलिस केमिकल की प्रकृति जांच रही है। वह रोहित की पृष्ठभूमि भी पता लगा रही है कि उसने बच्चों को बंधक बनाने का कदम क्यों उठाया। Mumbai Hostage
आडिशन देने आए थे बच्चे
पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरए स्टूडियो में पिछले तीन दिनों से किसी धारावाहिक के लिए आडिशन चल रहा था। रोहित आर्या स्वयं बच्चों का आडिशन ले रहा था। गुरुवार सुबह करीब 100 बच्चे वहां पहुंचे थे। उसने 80 से अधिक बच्चों का आडिशन लेकर उन्हें जाने दिया। 17 बच्चों को रोककर उनके साथ स्टूडियो के दो अन्य कर्मचारियों को बंधक बना लिया था।
पूर्व शिक्षा मंत्री केसरकर से था आरोपित का विवाद
रोहित आर्य का पूर्व शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर से एक पुराना विवाद सामने आ रहा है। केसरकर पूर्ववर्ती एकनाथ शिंदे सरकार में शिक्षा मंत्री थे। उनके साथ रोहित आर्य की एक तस्वीर भी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि रोहित आर्य ने उनके कार्यकाल में शिक्षा विभाग से जुड़ा कोई प्रोजेक्ट किया था, जिसका करीब दो करोड़ रुपयों का भुगतान उसे नहीं हुआ था। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद जब शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव ने बयान दिया कि प्रोजेक्ट में कुछ कमियां रह गई हैं, तो रोहित को लगा कि उसे फंसाने की योजना बनाई जा रही है। अब रोहित की मौत के बाद यह रहस्य ही रह जाएगा कि वह किससे और क्या बात करना चाहता था। Mumbai Hostage
घटनास्थल के नजदीक है एनएसजी का कमांडो सेंटर
जिस आरए स्टूडियो में करीब ढाई घंटे बच्चों को बंधक बनाने का ड्रामा चला, उस स्टूडियो से बमुश्किल 300 मीटर दूर एनएसजी कमांडो सेंटर है। इसकी स्थापना मुंबई में 26/11 हमले के बाद हुई थी।
चूंकि 26/11 हमले के दौरान दिल्ली के निकट मानेसर से एनएसजी कमांडो मुंबई पहुंचने में घंटों लग गए थे, इसलिए उसके बाद मानेसर के अलावा भी कुछ स्थानों पर एनएसजी जैसी प्रशिक्षित कमांडो फोर्स रखने की व्यवस्था की गई थी। मुंबई में यह कमांडो सेंटर जोगेश्वरी विक्रोली लिंक रोड (जेवीएलआर) पर स्थित है। बच्चों को छुड़ाने के लिए पुलिस चाहती तो वहां से प्रशिक्षत कमांडोज की मदद ले सकती थी। लेकिन पुलिस ने स्वयं अंदर घुसकर रोहित को पकड़ने की पहल की, जिसमें वह मारा गया। Mumbai Hostage
















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