नजाकत-नफासत रही पहचान तो आजादी की जंग में निभाई भूमिका

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Varanasi Dalmandi

BNP NEWS DESK। Varanasi Dalmandi वाराणसी का दालमंडी बाजार इन दिनों खूब चर्चा में है। यह बाजार अब इतिहास बनने वाला है, क्योंकि दालमंडी की सकरी सड़क को 17 मीटर तक चौड़ा किया जाना है। इस चौड़ीकरण में 187 मकानें ध्वस्त होंगे। बात दालमंडी के इस बाजार के इतिहास की करें, तो इसे साहित्य के गंगोत्री के नाम से कभी जाना जाता था। इसे अदा, अदब और आदाब का स्थान माना जाता था। इस जगह पर कई कोठे थे और उन कोठों पर तवायफें रहती थी।

Varanasi Dalmandi  इनमें कई तवायफें ऐसी थी जिन्हें देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से उस वक्त के रईस यहां आते थे। वो इन तवायफों के नजाकत और नफासत के दीवाने हुआ करते थे। इस जगह का इतिहास करीब 300 साल पुराना है। ब्रिटिश काल के दौरान भी इस जगह तवायफें रहती थी, जिनके अवशेष के तौर पर आज भी है कुछ पुराने घरों में उन कोठों की झलक देखी जा सकती है।
दालमंडी में रहने वाली तवायफें दूसरी जगहों के तवायफों की तरह जिस्म नहीं बेचा करती थी, बल्कि उनकी अदा और अदब को देखने के लिए लोग यहां आते थे।

क्योंकि जो सलिखा यहां के…

उस वक्त के बड़े-बड़े रईस, राजा महाराजा और धन्ना सेठ अपने बच्चों को भी वहां भेजते थे, जिससे वो बातचीत का लहेजा, संवाद आदि चीजों को सीख सकें, क्योंकि जो सलिखा यहां के तवायफों के पास हुआ करती थी वो कहीं और नहीं थी।

चंपा बाई के खूबसूरती के लोग दीवाने

दालमंडी में तवायफों के नामों की लंबी लिस्ट है। इसमें चंपा बाई का भी नाम है। कहा जाता है उनकी एक झलक पाने के लिए भी बड़े बड़े रईस और सेठ बेताब हुआ करते थे। इस जगह को हकीम मोहम्मद जफर मार्ग के नाम से जाना जाता था। ब्रिटिश समय में लोग इसे डॉलमंडी भी कहते थे जो बाद में दालमंडी नाम से प्रचलन में आ गया।

तवायफों ने आजादी की लड़ाई में निभाई थी भूमिका

चंपा बाई के अलावा यहां जद्दन बाई, हुस्ना बाई, रसूलन बाई, सिद्धेश्वरी बाई, छप्पन छुरी (जानकी बाई) जैसे कई तवायफों का नाम शामिल था। इनमें कुछ नाम ऐसे भी है जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है। यह जगह कलाओं का ऐश्वर्य था, यहां संगीत और नृत्य का अनूठा संगम हुआ करता था। गाना-बजाना और मुजरे के भी अपनी मर्यादा थी। इसकी तुलना कोलकाता के सोनागाछी या दिल्ली के जीबी रोड से नहीं किया जा सकता है। हालांकि, अब इस दालमंडी में सब कुछ जमीदोंज होने वाला है और इस बाजार का अस्तित्व ही खत्म होने वाला है।

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Author: BNPNEWS

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