BNP NEWS DESK। employment in up ‘उत्तर प्रदेश में उद्यमिता विकास’ कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास विभाग ने बड़ी पहल करते हुए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए 22 कंपनियों के साथ समझौते किए। मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में इन कंपनियों ने 27 हजार पदों पर भर्ती के लिए आशय पत्र (एलओआइ) पर हस्ताक्षर किए।
युवाओं को 12 हजार से 30 हजार रुपये मासिक वेतन और न्यूनतम तीन महीने की नौकरी देने पर सहमति बनी है।
प्रशिक्षण के दौरान स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। कार्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर प्रशिक्षित युवा को प्रदेश में ही रोजगार मिले। ‘स्किल इंडिया मिशन’ और ‘ट्रिलियन डालर यूपी अर्थव्यवस्था’ लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विभाग सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
employment in up अब आइटीआइ, पीएम इंटर्नशिप योजना और स्किल डेवलपमेंट योजनाओं के तहत प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय उद्योगों से जोड़ा जा रहा है। विभाग के प्रमुख सचिव हरि ओम ने बताया कि अब प्रशिक्षण संस्थानों और कंपनियों के बीच नियमित संवाद और विशेष ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
विशेष सचिव अभिषेक सिंह ने बताया कि सभी 22 कंपनियों ने न्यूनतम वेतन और रोजगार की अवधि सुनिश्चित की है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने व्यक्तित्व विकास, कम्युनिकेशन स्किल को स्कूल स्तर से ही शुरू करने और उद्योगों के अनुरूप कौशल विकास पर भी जोर दिया।
इन कंपनियों ने किए करार
कार्यक्रम में रिलायबल फर्स्ट एडुकेन प्रालि, कुएस कारपोरेशन, गोकुलदास एक्सपोर्ट्स, ओरिएंट क्राफ्ट फैशन इंस्टीट्यूट, केअर हेल्थ नर्स प्रालि, सरन्या हेल्थकेयर और बारबेक्यू नेशन सहित 22 कंपनियों ने करार किए। दिन भर चले अलग-अलग सत्रों में उद्योग विशेषज्ञों ने स्किल गैप को पाटने, स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और रोजगार योग्य बनाने की दिशा में अपने सुझाव रखे।
ड्रोन टेक्नोलाजी कोर्स बना आकर्षण का केंद्र
इस दौरान अलग-अलग आइआइटी की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसमें राजकीय आइटीआइ आगरा की ड्रोन टेक्नोलाजी की प्रदर्शनी में युवाओं का विशेष रुझान देखने को मिला।
राज्य के 17 आइटीआइ संस्थानों में ड्रोन पायलट और ड्रोन टेक्नोलाजी का छह-छह महीने का कोर्स चल रहा है। हाईस्कूल के बाद कोई भी युवा इस कोर्स में प्रवेश ले सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में इस कोर्स की भारी मांग रहेगी।
















Discussion about this post