BNP NEWS DESK। weather guidelines मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में लू की चेतावनी दी है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत आयुक्त कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता को जागरूक करने के लिए गाइडलाइन जारी की है जिसमें तेज गर्मी और लू से बचाव संबंधी सुझाव दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि दोपहर 12 से शाम चार बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
weather guidelines मुख्य्मंत्री ने निर्देशित किया है कि श्रमिकों की निगरानी के लिए तुरंत ‘मित्र प्रणाली’ लागू की जाए। इसके तहत साथी एक-दूसरे की सेहत का ध्यान रखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराएंगे।
प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पार्थसारर्थी सेन शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में विभाग की तरफ से लोगों को हीट स्ट्रोक और लू से बचाव के लिए गाइडलाइन जारी की गई है।
घर से बाहर निकलते समय शरीर को ढक कर रखें
इसमें सलाह दी गई है कि लोग घर से बाहर निकलते समय शरीर को ढक कर रखें, हल्के रंग के आरामदायक कपड़े पहनें और धूप में छाता या चश्मा लगाएं। लगातार तरल पदार्थों का सेवन करते रहें जैसे नींबू पानी, शिकंजी, नारियल पानी आदि। घरों और कार्यस्थलों पर पर्दों या शेड का प्रबंध करें ताकि सीधे सूर्य की किरणें अंदर न आएं।
लोगों को सलाह दी गई है कि खाली पेट अधिक प्रोटीन या बासी भोजन का सेवन न करें। धूप में खड़ी गाड़ियों में बच्चों या जानवरों को अकेला न छोड़ें। शराब, चाय, काफी, कार्बोनेटेड ड्रिंक आदि का अधिक सेवन न करें। लू से संबंधित बीमारियों के लक्षणों को भी पोस्टरों के माध्यम से साझा किया जा रहा है।
लक्षणों में शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाना, लाल और सूखी त्वचा, चक्कर आना, मांसपेशियों में कमजोरी, सांस फूलना, सिरदर्द, घबराहट, मतली या उल्टी शामिल हैं। किसी व्यक्ति को ये लक्षण दिखें तो उसे तुरंत छायादार जगह पर ले जाकर ठंडा पानी पिलाएं। संभव हो तो ठंडे पानी से नहलाएं और तुरंत एंबुलेंस या डाक्टर को बुलाएं।
श्रमिकों और बच्चों के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए आवश्यक है कि उन्हें नियमित अंतराल पर विश्राम दिया जाए। भारी श्रम कार्यों को सुबह या शाम के समय में कराया जाए। बच्चों को दोपहर के समय धूप में खेलने से रोका जाए, उनके कपड़े ढीले और हल्के हों और वे पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।








