श्रेया को चाकू मारने के बाद टब में डुबोया फिर रेता गला

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Shreya Upadhyay

BNP NEWS DESK ।   Shreya Upadhyayश्रेया उपाध्याय की निर्मम तरीके से की हत्या के मुख्य आरोपित विवेक चौबे तक पुलिस नौ दिन बाद भी नहीं पहुंच पाई। विवेक चौबे अपने साथी पुनीत मिश्रा के साथ मिलकर श्रेया की जिस निर्ममता से हत्या की उसे जो भी सुन रहा है वह आक्रोशित है। सह आरोपित पुनीत मिश्रा को मुठभेड़ दिखाते हुए पुलिस ने दबोच लिया लेकिन विवेक के आस पास भी वह नहीं फटक पाई ह
पुनीत के पकड़े जाने के बाद उसके बयानों के आधार पर श्रेया के रिश्तेदारों ने बताया कि उसे सिर्फ चाकू ही नहीं मारा गया बल्कि मौत के लिए पानी से भरे टब का भी इस्तेमाल हुआ था। जब शव पुलिस को मिला था तो वह पानी की वजह से फूल चुका था। पानी से निकालने के बाद हत्यारोपितों ने गला रेतकर मौत की पुष्टि की तब वहां से निकले।
18 अगस्त को राजातालाब क्षेत्र के ग्राम मरुई गांव निवासी श्रेया उपाध्याय को विवेक चौबे, बच्छांव पश्चिमपुरा िस्थत अपने किराए के कमरे पर ले गया। यहां पहले से ही पुनीत मिश्रा ग्राम मिसरौली बकुची डाड़ीडीह अरदौना, थाना हलधरपुर, मऊ मौजूद था। पुलिस की जांच के अनुसार दोनों ने महज कुछ ही मिनटों के अंदर कमरे के अंदर ही श्रेया की हत्या कर दी अलग-अलग समय पर भाग गए। हत्या के दो दिन बाद पुलिस को शव मिला।

Shreya Upadhyay  शव ढूंढने में भी श्रेया के पिता, चचेरा भाई और मामा का ही योगदान रहा, क्यों कि दो दिन से गायब श्रेया को ढूंढने में भी पुलिस ने लापरवाही बरती थी। 20 अगस्त को शव बरामद होने के चार दिन बाद ही पुलिस ने पुनीत मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पुनीत ने पूरी कहानी का आधा से ज्यादा भाग पुलिस के सामने रख दिया। वहां श्रेया के परिवार वाले भी इसे सुनते रहे। श्रेया की मां रीता और चचेरे भाई अंशुमान ने कहा कि मुख्य आरोपी विवेक चौबे को पहले पकडि़ए।

नहीं सुननी है पुनीत की कहानी। श्रेया के परिवार वालों ने कहा कि जब तक विवेक पकड़ा नहीं जाता तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे। श्रेया के मामा ने कहा कि उसे इतनी निर्दयता से कोई कैसे मार सकता है।

पुनीत ने जो बातें पुलिस को बताई वह दिल दहलाने वाली है। विवेक ने पहले पेट में चाकू मारा फिर दोनों ने मिलकर उसे बाथरूम में पानी से भरे टब में डूबोया। जब उसकी सांसें थमने लगीं या थम गईं होंगी तब जाकर बाहर निकाला। इसके बाद चाकू से गला भी रेत दिया।

इस तरह से कोई शातिर अपराधी ही हत्या को अंजाम दे सकता है। विवेक को जल्द से जल्द पुलिस गिरफ्तार करे।दोनों आरोपितों के खिलाफ कड़ी चार्जशीट बने और उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द से जल्द मुकदमा चलाकर सजा दिलाया जाए। Shreya Upadhyay

एक हत्या कई कहानी

श्रेया की हत्या के बाद मोटिव में हर दिन नए तथ्य जुड़ते चले गए। पहले इसे दोस्ती फिर प्रेम संबंध बताया गया। इसके बाद परिवार वालों ने पूरी तस्वीर साफ की और कहा कि संपत्ति का एंगल ही हत्या का कारण हो सकता है। जब सह आरोपित पकड़ा गया तो उसने 22 लाख रुपये के सुपारी की बात बताई।
फिर सामने आया कि विवेक ने पुनीत को अपने साथ शामिल करने के लिए उसके खाते में ढाई से ती लाख रुपये भी दिए। विवेक चौबे के पास पैसे की तंगी है तो यह पैसा कहां से मिला। फिर पता चला कि विवेक चौबे ने जेवर गिरवी रखकर आठ लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया। फिर सवाल खड़ा हुआ यह गिरवी रखने के लिए उसे गोल्ड किसने दिया। जबकि यह भी पता चला है कि विवेक चौबे के परिवार वाकों ने इस गोल्ड का अपना होने से इंकार भी कर दिया है।

यह था मामला

मरुई निवासी सुनील उपाध्याय और रीता की इकलौती बेटी एमएससी की छात्रा श्रेया 18 अगस्त को जगतपुर महाविद्यालय गई। वहां से नहीं लौटी। उसका शव बच्छांव पश्चिमपुरा के कमरे में मिला। हत्या के दो दिन बाद 20 अगस्त को उसका शव बाथरूम में मिला था। सीसीटीवी में वह विवेक चौबे के साथ जाते हुए दिखाई दी थी। जांच में पुनीत का नाम जुड़ा। पुनीत गिरफ्तार है जबकि विवेक तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। Shreya Upadhyay

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Author: BNPNEWS

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