BNP NEWS DESK । Lalitpur Medical College ललितपुर मेडिकल कालेज परिसर से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। इलाज के दौरान 35 वर्षीय महिला की मौत के बाद उसके परिजनों को शव घर ले जाने के लिए एंबुलेंस या कोई दूसरा वाहन नहीं मिला। बाध्य होकर पति ने पत्नी के शव को व्हीलचेयर पर लाद उसे बांधकर करीब आठ किलोमीटर दूर गदयाना स्थित अपने घर तक ले गया। रास्ते में इस लाचारी को देखकर लोग सन्न रह गए। घटना ने मेडिकल कालेज में मरीजों और उनके परिजनों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की पोल खोल दी है।
Lalitpur Medical College गदयाना निवासी राजू सेन ने बताया कि उसकी 35 वर्षीय पत्नी रश्मि काफी समय से बीमार थी। शुक्रवार सुबह रश्मि ने सीने में तेज घबराहट होने की बात राजू को बताई। मेडिकल कालेज के इमरजेंसी वार्ड में उसे भर्ती कराया गया, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि मौत की पुष्टि होने के बाद उन्होंने शव घर ले जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन से वाहन या एंबुलेंस उपलब्ध कराने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी।
राजू मजदूरी करता है। दोनों रेलवे स्टेशन के पास ही अपना आशियाना बनाकर रहते थे। भोजन के लिए वे मेडिकल कालेज परिसर स्थित अन्नपूर्णा भोजनालय जाते थे। करीब पांच महीने पहले रश्मि ने एक बच्चे को जन्म दिया था। बीमारी के चलते बच्चा केवल एक महीने ही जीवित रह सका। बच्चे की मौत के सदमे के साथ ही रश्मि की बीमारी भी बढ़ती गई। धीरे-धीरे उसके शरीर में खून की कमी हो गई और गंभीर संक्रमण फैल गया। आखिरकार इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। Lalitpur Medical College
इसके बाद सबसे बड़ी समस्या शव को घर ले जाने की सामने आई। परिजनों के मुताबिक, शव ले जाने के लिए एंबुलेंस या कोई अन्य वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के पास निजी वाहन की व्यवस्था करने के लिए भी पैसे नहीं थे। ऐसे में राजू ने पत्नी के शव को व्हीलचेयर पर लाद उसे बांधकर घर के लिए निकल पड़ा। मेडिकल कालेज से गदयाना तक करीब आठ किलोमीटर के रास्ते में वह इसी तरह पत्नी का शव लेकर जाता रहा। सड़क से गुजर रहे लोगों की नजर जब व्हीलचेयर पर बंधे शव पर पड़ी तो वे भी ठिठक गए। Lalitpur Medical College







