BNP NEWS DESK । Ganga water level वाराणसी में गंगा के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी देखी जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की सुबह आठ बजे जलस्तर 67.76 मीटर दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों में जलस्तर में 14 सेंटीमीटर (14.2 सेमी) की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पहले, इससे पूर्व गुरुवार की सुबह जलस्तर 67.90 मीटर के स्तर पर था जलस्तर में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी को देखते हुए आयोग और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जलस्तर के मुख्य आंकड़े (मीटर में)
वर्तमान जलस्तर (28 अगस्त) : 67.76 मीटर
24 घंटे में बढ़ोतरी : 14.2 सेमी
चेतावनी स्तर : 70.262 मीटर
खतरा स्तर : 71.262 मीटर
सर्वोच्च जलस्तर : 73.901 मीटर (09 सितंबर 1978)
कई घाट जलमग्न, नौका संचालन ठप, आरती का स्थान बदला
Ganga water level गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय इलाकों और घाटों पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदी के बढ़ते प्रवाह के कारण असि, तुलसी, शिवाला, केदार, हरिश्चंद्र, मुंशी, अहिल्याबाई, शीतला, दशाश्वमेध, त्रिपुरा भैरवी, ललिता और मणिकर्णिका सहित लगभग सभी प्रमुख घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं।
जलस्तर में इस तेजी से हुए इजाफे का सीधा असर शहर की पारंपरिक और सांस्कृतिक गतिविधियों पर पड़ा है। घाटों का संपर्क आपस में टूटने से प्रसिद्ध गंगा आरती, सांस्कृतिक आयोजनों और अन्य दैनिक गतिविधियों को ऊंचे स्थानों या सांकेतिक रूप से स्थानांतरित करना पड़ा है।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने नौका संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी किनारे बसे जलभराव वाले क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे सुरक्षा के दृष्टिगत नजदीकी बाढ़ राहत चौकियों में शिफ्ट हो जाएं। Ganga water level







