BNP NEWS DESK। Yami Gautam भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास ने इस वर्ष लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की विरासत को समर्पित केवड़िया, एकता नगर गुजरात में मंगलवार को अपने नए अध्याय की शुरूआत की। लौह पुरुष की विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति ‘स्टैच्यू आफ यूनिटी’ की छाया में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कन्नड़ फिल्मों के दिग्गज अभिनेता पदमभूषण अनंत नाग को भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित करने के साथ ही साल 2024 के लिए फिल्म की विद्या से जुड़े कई कलाकारों को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से नवाजा।
कश्मीर के इतिहास और राजनीति के मुद्दों पर केंद्रित हिंदी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म सहित कई अवार्ड हासिल किए। इस फिल्म में अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ने वाली यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्तिक आर्यन व ममूटी सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, आर्टिकल-370 को सर्वश्रेष्ठ फिल्म अवार्ड
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार बालीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन तथा मलयालम फिल्मों के स्टार ममूटी को प्रदान किया गया। ममूटी को उनकी फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए और कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ में बेहतरीन अभिनय के लिए यह सम्मान मिला। रणदीप हुड्डा को उनकी फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। संजय मिश्रा को सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता का सम्मान मिला। निर्माता भूषण कुमार की फिल्म ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला। ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म और ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र का सम्मान मिला।
कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को 2024 के दादा साहब फाल्के सम्मान से नवाजा
इस मौके पर मुर्मु ने अभिनेता अनंत नाग की सराहना करते हुए कहा कि कम उम्र से ही रंगमंच की दुनिया में कदम रखने वाले बहुआयामी प्रतिभा के धनी इस कलाकार ने पांच दशक से भी अधिक लंबे समय तक अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने राजधानी दिल्ली से बाहर एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के जरिए एक नए अध्याय का पन्ना खोले जाने के लिए केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा में हम अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों की उम्मीदें, सपने, परंपरा और संभावनाएं देखते हैं। समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे।







