BNP NEWS DESK। Actor Vikram Gokhale Death दिग्गज अभिनेता विक्रम गोखले का 82 साल की उम्र में निधन हो गया है. विक्रम गोखले ने पुणे स्थित दीनानाथ अस्पताल में 26 नवंबर की दोपहर अंतिम सांस ली. जानकारी के मुताबिक पुणे के वैकुंठ क्रेमेटोरियम में शनिवार की शाम ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. विक्रम गोखले पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी.
विक्रम गोखले ने बॉलीवुड की कई हिट फिल्मों में अपने काम का लोहा मनवाया था. उन्होंने सिर्फ 26 साल की उम्र में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था और 1971 में बॉलीवुड में डेब्यू किया. विक्रम गोखले ने पहली फिल्म अमिताभ बच्चन के साथ ‘परवाना’ की थी. विक्रम गोखले को ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के लिए जाना जाता है. फिल्म में विक्रम गोखले ने ऐश्वर्या राय के पिता का रोल निभाया था. इसके बाद एक्टर को ‘खुदा गवाह’ और ‘अग्निपथ’ में बेहद पसंद किया गया.
विक्रम गोखले ने 70 से अधिक मराठी और हिंदी फिल्मों में किया था काम
Actor Vikram Gokhale Death विक्रम गोखले का जन्म 30 अक्टूबर 1947 को पुणे में हुआ था. उनके पिता का नाम चंद्रकांत गोखले और माता का नाम हेमवती गोखले था. उनके परिवार में उनके दो भाई भीष्म गोखले और मोहन गोखले के साथ-साथ एक बहन अपराजिता मुंजे भी है. इसके अलावा उन्होंने उनकी पत्नी का नाम वृशाली गोखले है. विक्रम गोखले के पिता एक अनुभवी मराठी फिल्म और मंच कलाकार थे और उन्होंने 70 से अधिक मराठी और हिंदी फिल्मों में अभिनय किया है.
विक्रम गोखले पुणे में सुजाता फार्म नाम से एक रियल एस्टेट फर्म भी चलाते थे. उन्होंने 80 से अधिक फिल्मों और 17 टेलीविजन धारावाहिकों में काम किया. इसके अलावा उन्हें फिल्म ‘अनुमति’ में उनकी भूमिका के लिए 2013 में बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला था.
परिवार हिंदी सिनेमा में लंबे समय से सक्रिय
विक्रम गोखले का जन्म 30 अक्टूबर 1940 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ. उनका परिवार हिंदी सिनेमा में काफी लंबे समय से सक्रिय रहा है. विक्रम गोखले की परदादी हिंदी सिनेमा की पहली भारतीय कलाकार थीं. साथ ही उनकी दादी भी हिंदी सिनेमा में चाइल्ड आर्टिस्ट रह चुकी हैं. वर्ष 1913 में उनकी दादी ने फिल्म ‘मोहिनी भस्मासुर’ में अभिनय किया था. इस फिल्म का निर्देशन दादा साहेब फाल्के ने किया था. विक्रम एक्टर होने के साथ-साथ समाजसेवी भी थे। उन्होंने एक संगठन बनाया था. जिसमें वे अपाहिज सिपाहियों, बच्चों और जरूरतमंद लोगों की मदद करते थे.








