BNP NEWS DESK। Chhannulal Mishra बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती ख्यात शास्त्रीय गायक पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र की हालत स्थिर है। एनेस्थिसिया, जनरल मेडिसन, चेस्ट, कार्डियोलाजी समेत कई विभागों के दर्जन भर चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार हो रहा है। 89 वर्षीय पं. छन्नूलाल सेप्टीसीमिया यानी खून के संक्रमण से पीड़ित हैं।
Chhannulal Mishra एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम भी है। वह अपने पांव पर खड़े नहीं हो पा रहे, क्योंकि उनके पैरों की नसों में खून जमा हो गया है। न्यूमोनिया, सेप्सिस और फेफड़ों में गंभीर सूजन है। उन्हें टाइप-2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप, आस्टियोआर्थराइटिस और सौम्य प्रोस्टेटिक हाईपरप्लासिया की समस्या है।
वह करीब छह माह से बिस्तर पर हैं, इसके चलते पीठ पर घाव हो गए हैं, जो सेप्टीसीमिया से और भी जटिल हो चुके हैं। वर्तमान में एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) और डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) का भी निदान किया जा रहा है।
वह इस समय नान-इनवेसिव वेंटिलेटर (बाइपैप मशीन) के सपोर्ट पर हैं। डाक्टरों के अनुसार इस प्रक्रिया में कोई ट्यूब फेफड़े में नहीं डाली जाती, बल्कि चेहरे या नाक पर मास्क लगाकर आक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। यह हल्के से मध्यम श्वसन समस्या वाले मरीजों के लिए उपयुक्त होता है।
स्वस्थ इंसान को 21 प्रतिशत आक्सीजन की आवश्यकता होती है, लेकिन उन्हें इस प्रणाली से 50 प्रतिशत आक्सीजन दिया जा रहा है। अभी वेंटिलेटर की स्थिति नहीं है, क्योंकि वेंटिलेटर में श्वास नली में ट्यूब डाली जाती है जो सीधे फेफड़ों तक हवा पहुंचाती है।
आंशिक हार्ट अटैक
यह स्थिति तब बनती है जब मरीज खुद सांस लेने में असमर्थ हो जाता है। आक्सीजन की खपत अधिक होती है और इसे उच्च दबाव पर संचालित किया जाता है। पंडित जी को आंशिक हार्ट अटैक पड़ा था। सांस लेने में तकलीफ और तेज बुखार के कारण उन्हें मीरजापुर के रामकृष्ण सेवाश्रम हास्पिटल से बीएचयू रेफर किया गया था। 13 सितंबर को उनकी बेटी प्रो. नम्रता मिश्र उन्हें लेकर बीएचयू अस्पताल पहुंचीं, यहां इमरजेंसी से मेडिसिन विभाग की आइसीयू में भर्ती कराया गया। एंटीबायोटिक थेरेपी, इंसुलिन व अन्य सहायक उपचार दिया जा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. कैलाश कुमार ने बताया कि रविवार से उनके महत्वपूर्ण मापदंडों में स्थिरता और सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है। Chhannulal Mishra
पुत्र को देख चेहरे पर संतोष और विश्वास का भाव
सोमवार को आइसीयू में पिता को देखने पंडित छन्नूलाल के पुत्र रामकुमार मिश्र भी पहुंचे। पंडित जी ने बेटे को देखा लेकिन कुछ बोल नहीं सके। हालांकि बेटे को देखकर चेहरे पर संतोष और विश्वास का भाव आया। पूर्व महापौर रामगोपाल मोहले ने भी अस्पताल जाकर पंडित जी के सेहत के बारे में जानकारी ली। पं छन्नूलाल 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावक थे। उन्हें वर्ष 2020 में पद्मविभूषण, 2010 में पद्मभूषण व वर्ष 2000 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
















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