BNP NEWS DESK। Gaganyatri Shubhanshu अंतरिक्ष में भारत का परचम फिर लहराने के लिए 41 साल से किया जा रहा इंतजार कुछ ही दिनों में समाप्त हो सकता है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को बताया कि एक्सिओम-4 मिशन को 19 जून को लांच करने की तैयारी है।
शुभांशु शुक्ला तीन अन्य अंतरिक्षयात्रियों के साथ स्पेसएक्स के फाल्कन-9 राकेट से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आइएसएस) के सफर पर रवाना होंगे
राकेट की तकनीकी समस्या को ठीक कर लिया गया है। इस मिशन के तहत गगनयात्री शुभांशु शुक्ला तीन अन्य अंतरिक्षयात्रियों के साथ स्पेसएक्स के फाल्कन-9 राकेट से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आइएसएस) के सफर पर रवाना होंगे। शुभांशु अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय होंगे। राकेश शर्मा 1984 में सोवियत संघ के सोयूज अंतरिक्षयान से अंतरिक्ष स्टेशन सैल्यूट 7 पर गए थे। राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्षयात्री हैं।
Gaganyatri Shubhanshu एक्सिओम स्पेस के एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरिक्षयात्रियों को 11 जून को फ्लोरिडा के नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरनी थी, लेकिन इससे कुछ समय पहले फाल्कन-9 राकेट में तरल आक्सीजन रिसाव का पता लगने पर इसे स्थगित करना पड़ा था।
एक्सिओम मिशन को इससे पहले भी तीन बार टालना पड़ा था। अंतरिक्षयात्रियों को 29 मई को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से आइएसएस के सफर पर रवाना होना था, लेकिन इसे आठ जून तक टाला गया। इसके बाद 10 जून तक टाला गया।
फिर खराब मौसम के कारण एक दिन के लिए टाला गया था। इसरो ने कहा, फाल्कन-9 राकेट में देखे गए तरल आक्सीजन लीक की समस्या को ठीक कर लिया गया है। इसरो, एक्सिओम स्पेस और स्पेसएक्स के बीच समन्वय बैठक में इसकी पुष्टि हुई है।
एक्सिओम स्पेस ने सूचित किया कि आइएसएस पर सर्विस माड्यूल में दबाव का आकलन करने के लिए नासा के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। एक्सिओम स्पेस ने एक्सिओम-4 मिशन को 19 जून को लांच करने का लक्ष्य रखा है।
गौरतलब है कि शुभांशु के साथ जाने वाले अंतरिक्षयात्रियों में पोलैंड से स्लावोस्ज उजनांस्की-विस्नीवस्की, हंगरी से टिबोर कापू और मिशन की कमांडर अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन शामिल हैं। शुभांशु मिशन के पायलट होंगे। चालक दल के सदस्य आइएसएस में 14 दिन रहकर कई प्रयोग करेंगे।
















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