BNP NEWS DESK। Rameshwar Nath Kao केसरी, राजी, शेरशाह और केसरी : चैप्टर 2 के बाद, करण जौहर अब रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ ) के संस्थापक और भारत के जेंटलमैन स्पाइमास्टर कहे जाने रामेश्वर नाथ काव की जिंदगी की कहानी को बड़े पर्दे पर लाने के लिए तैयार हैं। 1971 में बांग्लादेश की आजादी में ‘गेमचेंजर’ की भूमिका निभाने वाले काव पर बनने वाली फिल्म 11 अगस्त 2028 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। करण की धर्मा प्रोडक्शंस कंपनी ने काव पर फिल्म बनाने के लिए लियो मीडिया कलेक्टिव के साथ हाथ मिलाया है।
करण जौहर ने काव पर फिल्म बनाने की घोषणा की थी
Rameshwar Nath Kao छह साल पहले फिल्मकार करण जौहर ने काव पर फिल्म बनाने की घोषणा की थी। अब एक बार फिर इस फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ गई है, क्योंकि उन्होंने इस अनाम फिल्म की रिलीज तारीख की भी घोषणा कर दी है। सोमवार को करण की धर्मा प्रोडक्शंस कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि वह काव पर फिल्म बनाने की तैयारी कर रही है। रा की स्थापना 21 सितंबर 1968 में की गई थी, इसलिए फिल्म की घोषणा इस एजेंसी के 58 साल पूरे होने के दिन पर की गई। फिल्म को साल 2028 में 11 सितंबर को रिलीज करने की योजना का मकसद भारत की खुफिया एजेंसी की 60 साल की विरासत का सम्मान करना है।
काव ने भारत के जासूसी तंत्र की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई थी। करण जौहर ने कहा, पिछले दो वर्षों से इस कहानी पर रिसर्च का काम चल रहा है। हम चाहते हैं कि यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित रोमांचक कहानी हो, जो रा एजेंसी के महत्वपूर्ण पड़ाव वाले वर्ष का सम्मान दमदार फिल्म के जरिये करे। हम सभी इस काम को शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हैं।
नितिन गोखले की किताब जेंटलमैन स्पाइमास्टर पर आधारित होगी फिल्म
फिल्म नितिन गोखले की किताब जेंटलमैन स्पाइमास्टर पर आधारित होगी। इसका निर्माण इसी साल शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि कलाकारों, निर्देशक और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। फिल्म की कहानी साल 1955 से साल 1971 के दौर को समेटेगी। इसमें रा के गठन की पृष्ठभूमि से लेकर साल 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध के दौरान एजेंसी के पहले मिशन तक की कहानी दिखाई जाएगी।
भारतीय खुफिया व्यवस्था का मास्टरमाइंड माना जाता
आरएन काव को जासूसी की दुनिया में लेजेंड और भारतीय खुफिया व्यवस्था का “मास्टरमाइंड” माना जाता है। उन्होंने भारतीय जासूसी को विश्वस्तरीय बनाने में अतुलनीय योगदान दिया। काव की प्रमुख उपलब्धियों में रा की स्थापना, 1971 का बांग्लादेश मुक्ति संग्राम, सिक्किम के भारत में विलय शामिल है। काव के नेतृत्व में रा ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों जिन्हें ‘मुक्ति वाहिनी’ कहा जाता था को गुप्त रूप से हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया। भारतीय सेना के साथ मिलकर काव की टीम ने मुक्ति वाहिनी को रसद, खुफिया जानकारी और रणनीतिक सहायता पहुंचाई। काव के नेटवर्क ने पूर्वी पाकिस्तान में तैनात पाकिस्तानी सेना की हर हलचल, रणनीतियों की सटीक जानकारी भारतीय सेना तक पहुंचाई। Rameshwar Nath Kao







