BNP NEWS DESK। Sagardweep गंगासागर के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की है कि उन्होंने पिछले दिनों जिस तरह लक्षद्वीप का प्रचार किया, उसी तरह सागरद्वीप के बारे में भी कहें।
Sagardweep स्थानीय लोगों को विश्वास है कि पीएम मोदी सागरद्वीप का उल्लेख करेंगे तो पूरी दुनिया का ध्यान इस पर जाएगा, जो देश-दुनिया से अलग-थलग और दशकों से उपेक्षित है। यहां विकास की राहें खुलेंगी। उल्लेखनीय है कि गंगासागर का ही दूसरा नाम सागरद्वीप है।
पीएम मोदी के लक्षद्वीप प्रवास का वीडियो सामने आने के बाद वहां पर्यटन तेजी से बढ़ा है
यहां के रूद्रनगर इलाके की रहने वाली सहेली ताला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बेहद प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले हैं। देश-दुनिया में उनके करोड़ों प्रशंसक हैं। पीएम मोदी के लक्षद्वीप प्रवास का वीडियो सामने आने के बाद वहां पर्यटन तेजी से बढ़ा है। लोग मालदीव जाना भूल गए हैं। Sagardweep
महत्वपूर्ण तीर्थस्थल होने के बावजूद इसका पर्याप्त विकास नहीं हो पाया
वह अगर सागरद्वीप के बारे में कहेंगे तो इस क्षेत्र व यहां के लोगों का भी काफी भला होगा। मध्य प्रदेश के सागर क्षेत्र में स्थित स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली सहेली ने आगे कहा कि यह महत्वपूर्ण तीर्थस्थल होने के बावजूद इसका पर्याप्त विकास नहीं हो पाया है। यहां उद्योग नहीं हैं। रोजगार की कमी है।
अच्छे शिक्षण संस्थान नहीं हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था उन्नत नहीं है। स्थानीय युवकों को काम के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। मकर संक्रांति पर गंगासागर मेला लगने के समय ही यहां इतना ताम-झाम देखने को मिलता है और लाखों लोगों की भीड़ जुड़ती है।
बाकी समय कुछ ही पर्यटक आते हैं। उनके ठहरने के लिए यहां अच्छे होटल भी नहीं हैं। स्थानीय दुकानदार बलराम दास कहते हैं कि पीएम मोदी ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए बहुत कुछ किया है। गंगासागर हिंदुओं के सबसे प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है, इसलिए उन्हें इसपर विशेष ध्यान देना चाहिए।
वह एक बार गंगासागर भी आएं
स्थानीय युवक कमल मंडल ने कहा कि पीएम मोदी देश के कितने ही धार्मिक व तीर्थस्थलों का दौरा कर चुके हैं। हम चाहते हैं कि वह एक बार गंगासागर भी आएं।
लक्ष्मीबाजार इलाके के रहने वाले गोपीनाथ दास का मानना है कि सागरद्वीप के पर्याप्त रूप से विकसित नहीं हो पाने का एक प्रमुख कारण इसका मेनलैंड से भू-संपर्क नहीं होना है। दशकों बीत जाने पर भी मूड़ी गंगा नदी पर पुल का निर्माण नहीं हो पाया है।
सागरद्वीप को जानिए
सागरद्वीप कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर दक्षिण 24 परगना जिले में चारों ओर से पानी से घिरा प्राकृतिक तौर पर निर्मित द्वीप है। यह दुनिया के सबसे बड़े मैंग्रोव फारेस्ट सुंदरवन का एक हिस्सा है।
यहां की जनसंख्या दो लाख से कुछ अधिक है। सागरद्वीप की जीविका मुख्यरूप से कृषि पर आधारित है। ज्यादातर लोग पान की खेती करते हैं। यहां के पान का देश के विभिन्न हिस्सों में निर्यात होता है।
इसके अलावा धान व विभिन्न सब्जियों की भी खेती होती है। कुछ लोग मत्स्य पालन से जुड़े हुए हैं। यहां बड़े कल-कारखाने नहीं हैं। छोटे कुटीर उद्योग चलते हैं।








