भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित रीजनल राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता वाराणसी में सम्पन्न

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REGIONAL RASHTRIYA SAMUH GAAN

Bnp News Post। REGIONAL RASHTRIYA SAMUH GAAN भारत विकास परिषद द्वारा रीजनल राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता 2023 का आयोजन 05 नवम्बर को संत अतुलानंद कान्वेंट स्कूल, कोइराजपुर में आयोजित किया गया.

भारत विकास परिषद काशी प्रान्त के आतिथ्य में संयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न भागों से प्रांतीय स्तर की प्रतियोगिता की विजेता टीमों ने भाग लिया. यहाँ से चयनित विजेता टीम 2-3 दिसम्बर को आगरा में आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लेने का अवसर मिलेगा.

REGIONAL RASHTRIYA SAMUH GAAN देशभक्ति गीतों की यह प्रतियोगिता हिन्दी एवं संस्कृत भाषा में आयोजित हुई. इस अवसर पर टीमों द्वारा लोक गीत भी प्रस्तुत किये गए. इस वर्ष उत्तर मध्य क्षेत्र 2 की क्षेत्रीय प्रतियोगिता में झांसी, इटावा, लखनऊ, प्रयागराज एवं वाराणसी की विजेता टीमों ने भाग लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष मुकेश जैन (लखनऊ) द्वारा की गयी और केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में रायबरेली से डॉ चंपा श्रीवास्तव उपस्थित रही.

हिंदी व संस्कृत में देशभक्ति और अपने क्षेत्र के लोक गीत किये प्रस्तुत

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रख्यात संगीतज्ञ पद्श्री प्रो ऋत्विक सान्याल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय कला, दर्शन और संस्कृति में अद्भुत ऊर्जा है और यही इस विशाल देश को महान बनाते हैं. साथ ही संगीत को जब जब साधना बनाया जाएगा तो आनंद और उपलब्धियों नित नया संसार गढ़ा जा सकता है.

विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल ने कहा कि समूह में काम करने में अनुपम शक्ति है। हर आदमी को यह समझना चाहिए कि व्यक्तिगत उपलब्धियों की तुलना में समूह की सफलता के लिए कार्य करना अधिक महत्वपूर्ण है।

झांसी की टीम विजेता और प्रयाग की टीम उपविजेता रही

 

कड़े संघर्ष के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता में झांसी के लोकमान्य तिलक विद्यालय की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अहर्ता प्राप्त की. द्वितीय स्थान पर प्रयाग की महर्षि पतंजलि विद्यालय और तृतीय स्थान पर लखनऊ की सेठ एम आर जैपुरिया स्कूल की टीम रही.

इसके अतिरिक्त हिन्दी गीत प्रतियोगिता में अवध लखनऊ की सेठ एम आर जैपुरिया स्कूल ने, संस्कृत गीत प्रतियोगिता में के झांसी के लोकमान्य तिलक विद्यालय ने एवं लोक गीत प्रतियोगिता में वाराणसी के सिल्वर ग्रोव विद्यालय ने विजेता होने का गौरव प्राप्त किया.

कार्यक्रम के निणार्यक के रूप में वाराणसी के प्रो. ऋत्विक सान्याल, दिल्ली से प्रो. मार्कंडेय नाथ तिवारी और प्रयागराज से डॉ पवन राज चौधरी ने बच्चों का मूल्यांकन किया और बाद में उनका मार्गदर्शन भी किया. विवेक सूद व पंकज सिंह ने टाइमकीपर का दायित्व संभाला.

इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ साथ राष्ट्रभक्ति से जुड़े गीत, नृत्य एवं नाटिका का प्रदर्शन भी किया गया. देशभक्ति गीत – देश हमें देता है सबकुछ और हम भी कुछ देना सीखे को 151 लोगों ने मिलकर गाया और सबको रोमांचित कर दिया. नमिता गुजराती द्वारा गणेश वन्दना प्रस्तुत की गई.

पुरस्कार वितरण समारोह की मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने विजेताओं को पुरस्कृत किया व प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान किये. समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि
बच्चे संस्कृति के सच्चे वाहक होते हैं और उनमें बाल काल से सही बीज व विचारों का रोपण करना हमारा दायित्व है.

वाराणसी की टीम लोकगीत में प्रथम आयी

भारत विकास परिषद के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ आर बी श्रीवास्तव, क्षेत्रीय महासचिव नवीन श्रीवास्तव, प्रमोद राम त्रिपाठी, संयोजक अनिल के. जाजोदिया आदि ने भी समारोह को सम्बोधित किया और प्रतिभागी बच्चों का उत्साह बढ़ाया. कार्यक्रम के दौरान संत अतुलानंद स्कूल की निदेशिका वंदना सिंह व सहयोगी शाखाओं और सदस्यों को सम्मानित भी किया गया.

कार्यक्रम का संयोजन भारत विकास परिषद काशी प्रांत द्वारा द्वारा की सभी शाखाओं द्वारा मिलकर किया गया. इस अवसर पर प्रमुख रूप से ब्रह्मानन्द पेशवानी, निर्मल जोशी, मुकुल साह, कविता साह, राजेश सोनी, डॉ अनिल सिंह, संजय चौधरी, नमित पारेख, राकेश गुप्ता, रमेश विश्वकर्मा, विवेक सूद, राजेश केशरी, अमित जैन, गौरव गुप्ता, राजीव भाटला, बृजगोपाल दास, ऋषि शुक्ला, सुशील सिंह, सुमन अग्निहोत्री, अजीत मेहरोत्रा, किशोर सिंह, रवि सारडा, श्रीश तिवारी आदि उपस्थित रहे.

कार्यक्रम का संचालन दिव्येश मेहता, रंजना केशरी, स्वाति खंडेलवाल, शशि श्रीवास्तव और सुप्रिया जड़िया ने किया.

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Author: BNPNEWS

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