गंगा विलास क्रूज 10 जनवरी को वाराणसी से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना होगा

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river cruise

BNP NEWS DESK | Ganga Vilas Cruise  भारत सरकार के पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के ओएसडी सुधांशु पंत ने घोषणा की कि 10 जनवरी को सबसे बड़ा रिवर क्रूज गंगा विलास वाराणसी से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना होगा। इस दौरान एक रंगारंग कार्यक्रम आयोजित होंगे। यह पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

Ganga Vilas Cruise  सुधांशु पंत भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा सर्किट हाउस सभागार में शुक्रवार को राष्ट्रीय जलमार्ग-1 में यातायात समृद्धि विषयक ट्रेड मीट को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जयंत सिंह ने बताया कि वर्तमान में वाराणसी कोलकाता जलमार्ग वर्ष में 300 दिन संचालन के लिए उपलब्ध है।

वाराणसी, गाजीपुर, मझऊआं बाढ़ जलमार्ग का विकास कार्य पटना फरक्का जलमार्ग की तर्ज पर किया जाएगा। इस दौरान इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेशन के प्रतिनिधि ने बताया कि फर्टिलाइजर तथा यूरिया के निर्यात समय से करने के लिए नाइट नेविगेशन सुविधा की आवश्यकता है। इस पर सुधांशु पंत ने कहा कि इस सुझाव पर विचार किया जाएगा।

अनाज और जीआइ प्रोडक्ट होंगे निर्यात

कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने सुझाव दिया कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय बताए कि दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को निर्यात होने वाले उत्पाद और उनके मार्गों का विवरण उपलब्ध हो सके तो वाराणसी जलमार्ग से निर्यात को समृद्ध किया जा सकेगा। सुधांशु पंत ने बताया कि विभिन्न अनाज वाराणसी से निर्यात होते हैं। जयंत सिंह ने बताया कि जनवरी से ही वेसल कार्गो का संचालन वाराणसी से किया जाएगा। इससे जीआइ प्रोडक्ट समेत अन्य उत्पाद निर्यात होंगे। प्रयास होगा कि इस जलमार्ग का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग किया जाए।

क्रूज के 18 सुइट्स समेत अन्य स्थानों पर लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी, गाजीपुर का वॉल हैंगिंग समेत अन्य उतपादों को डेकोरेशन के तौर पर लगाया जाएगा। साथ ही जिस जनपद में क्रूज रुकेगा, वहां के ओडीओपी और जीआई उत्पादों को दिखाया जाएगा। इससे देश के हस्तशिल्पियों के हुनर को नया बज़ार मिलेगा। 10 जनवरी को क्रूज मेहमानों को लेकर डिब्रुगढ़ के लिए रवाना होगा। इस मौके पर होने वाले समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हो सकते हैं।

दुनिया की सबसे लंबी यात्रा

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई)के मुख्य अभियंता रविकांत बताते हैं कि वाराणसी से डिब्रुगढ़ तक यात्रा एक रिवर शिप द्वारा की जाने दुनिया की सबसे लंबी यात्रा है। इस सफर के बाद भारतीय उपमहाद्वीप में टूरिज्म का नया क्षितिज तो खुलेगा ही, भारत की नदियों में रिवर क्रूजिंग के बारे में जागरूकता बढ़ेगी। यह जलयान सुंदरबन डेल्टा और काजीरंगा नैशनल पार्क जैसे राष्ट्रीय उद्यानों व अभ्यारण्यों से भी होकर गुजरेगा। करीब 62 मीटर लंबाई और 12.8 मीटर चौड़ाई वाला गंगा-विलास क्रूज सभी तरह की आधुनिक सुविधाओं से लैस है।

BNPNEWS
Author: BNPNEWS

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