BNP NEWS DESK। Shraddha Murder Case श्रद्धा मर्डर केस में गिरफ्तार कातिल आफताब अमीन को पुलिस ने फिलहाल महरौली थाने की जेल में रखा है। यहां पहली रात आफताब जमीन पर सोया। इस सेल में आफताब के अलावा और भी कैदी हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि मंगलवार को दिल्ली पुलिस आफताब को महरौली के उसी जंगल में लेकर गई, जहां उसने श्रद्धा की लाश के अलग-अलग टुकड़े फेंके थे। पुलिस ने अब तक 10 टुकड़े बरामद कर लिए हैं, हालांकि उनमें अब सिर्फ हड्डी का कंकाल ही बचा है। बता दें कि करीब 6 महीने पहले 18 मई को आफताब ने दिल्ली में श्रद्धा का कत्ल कर दिया था।
मर्डर से पहले लिया था जंगल के पास फ्लैट
Shraddha Murder Case बता दें कि श्रद्धा की लाश के टुकड़े तलाशने के लिए पुलिस आफताब को लेकर महरौली के जंगल में कई जगह सर्चिंग कर रही है। इस दौरान पुलिस ने आफताब के चेहरे को ढंक दिया। बता दें कि आफताब 8 मई को श्रद्धा को लेकर दिल्ली आया था। इसके बाद दोनों महरौली के पास ही किराए से रहने लगे। हालांकि, 18 मई को हत्या करने से पहले आफताब ने महरौली में जंगल के पास ही फ्लैट लिया था, ताकि वो आसानी से लाश के टुकड़ों को ठिकाने लगा सके।
जेल में 24 घंटे रखी जा रही आफताब पर नजर
महरौली थाने की जिस जेल में कातिल आफताब को रखा गया है, वहां का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस वीडियो में आफताब जेल के अंदर जमीन पर लेटा हुआ नजर आ रहा है। बता दें कि जेल में CCTV के जरिए उस पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
श्रद्धा के पिता ने मांगी फांसी, बोले- ये लव जिहाद
वहीं श्रद्धा के पिता विकास वाकर का कहना है कि मैं चाहता हूं कि मेरी बेटी के कातिल को फांसी दी जाए। मुझे ये पूरी तरह से लव जिहाद का मामला लगता है। मैं कभी भी आफताब अमीन से नहीं मिला, लेकिन उसे फांसी होनी चाहिए।
मर्डर कब हुआ, इसे लेकर अब भी कन्फ्यूजन
Shraddha Murder Case श्रद्धा का मर्डर कब हुआ, इसे लेकर अलग-अलग सवाल हैं। एक तरफ जहां पुलिस दावा कर रही है कि उसका मर्डर 18 मई को हुआ, वहीं दूसरी ओर श्रद्धा के दोस्त लक्ष्मण नडार का कहना है कि उसने जुलाई में श्रद्धा से बातचीत की थी। उस दौरान वो काफी डरी हुई थी। उसने ये भी कहा था कि मुझे बचा लो वरना आफताब मार डालेगा।
मर्डर के बाद किए 35 टुकड़े, कई दिनों तक फ्रिज में रखे
बता दें कि आफताब ने श्रद्धा का मर्डर करने के बाद उसके शव को आरी से काटा। इस दौरान उसने डेड बॉडी के करीब 35 टुकड़े किए। बाद में वो बाजार से 25,300 रुपए में 260 लीटर का एक फ्रिज खरीदकर लाया और सभी टुकड़े उसी में रखे। इसके बाद हर रात 2 बजे के बाद एक-एक टुकड़ा महरौली के जंगल में ले जाकर फेंकता रहा। उसने करीब 16 दिन तक श्रद्धा की लाश के टुकड़ों को जंगल में अलग-अलग जगह ठिकाने लगाया।








