Shraddha Murder Case : डेटिंग एप से हुई थी आफताब और श्रद्धा में दोस्ती

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Shraddha Murder

BNP NEWS DESK। Shraddha Murder Case दिल्ली पुलिस के सूत्र के मुताबिक, श्रद्धा हत्याकांड में पुलिस आफताब की प्रोफाइल की जानकारी डेटिंग एप हंबल से मांग रही है, जिससे उन महिलाओं का विवरण मिल सके जो आफताब के घर उस समय उससे मिलने आई थी जब शरीर रेफ्रिजरेटर में रखा था।

Shraddha Murder Case पुलिस संभावना तलाश रही है कि कहीं इनमें से कोई महिला हत्या के पीछे का कारण तो नहीं है। स्नातक के बाद 28 वर्षीय श्रद्धा वाकर जब मुंबई में एक बहुराष्ट्रीय काल सेंटर में नौकरी करती थी। उसी समय डेटिंग एप हंबल के जरिये आफताब अमीन पूनावाला से उसका परिचय हुआ था।

धीरे-धीरे दोनों एक दूसरे के करीब आते चले गए और साथ रहने लगे थे। Shraddha Murder Case  28 साल की श्रद्धा वाकर घूमने-फिरने की काफी शौकीन थी। उसे पहाड़ की वादियां और हरे-भरे जंगल बहुत पसंद थे। आफताब दुनिया घुमाने का सपना दिखाकर उसे जिंदगी के आखिरी सफर पर ले गया।

मीट काटने वाले चाकू से घटना को अंजाम दिया था

आफताब संग लिव इन रिलेशनशिप में मुंबई से आकर दिल्ली में रह रही श्रद्धा ने परिवार से बगावत करके यह कदम उठाया था। लेकिन जिसके लिए यह सब किया था, उस आफताब ने ही कसाई का रूप धारण कर लिया और उसके 35 टुकड़े कर डाले।

18 मई को कत्ल के बाद करीब 18 दिनों तक वह रोज जंगल में जाता था और शरीर के कुछ अंगों को ठिकाने लगा आता था। उसने इस पूरे काम को मीट काटने वाले चाकू से अंजाम दिया था। इस बीच दिल्ली पुलिस की एफआईआर में खुलासा हुआ है कि श्रद्धा ने जब अपने घर से निकलने का फैसला लिया तो पिता से लड़कर आई थी।

मां और पिता ने कहा था, लौट आओ बेटी अभी वक्त है

श्रद्धा के पिता विकास ने पुलिस को बताया कि आफताब जब श्रद्धा के साथ मारपीट करने लगा तो वह घर आई थी और अपनी मां को आफताब की वहशियत के बारे में बताया था। इस पर मां ने उसे एक बार फिर समझाया और कहा था कि बेटी लौट आओ अभी भी वक्त है।

श्रद्धा के पिता  ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि श्रद्धा और आफताब के रिश्तों के बारे में उन्हें 8 या 9 महीने बाद पता चला था। उन्होंने कहा कि श्रद्धा ने अपनी दिवंगत मां से 2019 में कहा था कि मैं आफताब के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहना चाहती हूं।

उन्होंने बताया कि  ‘हमने उसके इस फैसले का विराध किया था। इसकी वजह यह थी कि हम हिंदू हैं और कोली जाति के हैं। वहीं वह लड़का मुसलमान था। हमारे परिवार दूसरे धर्म से रिश्तों को स्वीकार नहीं किया जाता। हमारे इनकार पर श्रद्धा का कहना था कि मैं 25 साल की हो गई हूं और अपने लिए सही फैसले ले सकती हूं।’

घर लौट आई थी श्रद्धा, फिर वापस क्यों लौट गई

यही नहीं श्रद्धा ने पिता से कहा कि भूल जाना कि मैं तुम्हारी बेटी हूं और फिर घर से निकल गई। पिता ने कहा, ‘इसके बाद हमें उसके दोस्तों से खबर मिलती रही। पहले वे लोग नया गांव में रहते थे और फिर वसई में रहने लगे। कुछ वक्त बाद श्रद्धा ने अपनी मां से बताया था कि आफताब उससे लड़ाई करता है और पीटता है।

मां की मौत के बाद श्रद्धा ने मुझसे भी कई बार फोन पर बात की थी। तब भी उसने आफताब के हाथों पीटे जाने की बात कही थी।’ यही नहीं श्रद्धा कुछ वक्त के लिए घर भी आ गई थी, लेकिन आफताब के माफी मांगने के बाद वापस लौट गई थी।

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Author: BNPNEWS

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