• Contact
  • Home
  • Privacy Policy
Friday, June 5, 2026
  • Login
Bharat News Post
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • प्रदेश
    • यूपी
    • दिल्‍ली
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • अन्‍य
  • राजनीति
  • विशेष
    • टेकज्ञान
    • धर्म
    • पर्यटन
    • मनोरंजन
    • रोजगार
    • शिक्षा
    • हेल्‍थ
  • खेल
  • अर्थ जगत
  • बात अपनी
  • अपराध
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • प्रदेश
    • यूपी
    • दिल्‍ली
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • अन्‍य
  • राजनीति
  • विशेष
    • टेकज्ञान
    • धर्म
    • पर्यटन
    • मनोरंजन
    • रोजगार
    • शिक्षा
    • हेल्‍थ
  • खेल
  • अर्थ जगत
  • बात अपनी
  • अपराध
No Result
View All Result
Bharat News Post
No Result
View All Result
Home विशेष

Mulayam Singh Yadav : मिट्टी में उपजा समाजवाद जिसने रामभक्‍तों पर चलवाईं गोलियां और कुनबे तक आकर सिमट

मुलायम के कुर्सी पर रहते कारसेवक मरे और कारसेवक मारे गए, विरोधियों ने नाम दिया- मुल्ला मुलायम

BNPNEWS by BNPNEWS
October 10, 2022
in विशेष
Reading Time: 1 min read
0
Mulayam Singh Yadav

मुलायम सिंह यादव का सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया।

481
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare to Whatsapp
BNP NEWS DESK। समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव का सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वे 82 साल के थे। मुलायम सिंह यादव काफी समय से बीमार चल रहे थे और उन्हें इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेदांता अस्पताल के मुताबिक, मुलायम सिंह यादव का सोमवार सुबह 8:16 बजे निधन हुआ। मुलायम सिंह यादव का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव सैफई में होगा। यूपी सरकार ने मुलायम सिंह यादव के निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। 
80 का दशक था. साल याद नहीं. गोरखपुर वाले वीर बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. लखनऊ के बेगम हजरत महल पार्क (अब परिवर्तन चौक) में एक बड़ी रैली आयोजित की गई थी. हेमवती नंदन बहुगुणा और अन्य समाजवादी चेहरे इसका नेतृत्व कर रहे थे. नारा गूंज रहा था- वीर बहादुर कैसा है, गोरखपुर का भैंसा है और यह भी कि- हर जोर जुल्म की टक्कर में, संघर्ष हमारा नारा है. ये वो समय था जब समाजवादी विचारधारा की राजनीति सत्ता की चूलें हिलाकर और कांग्रेस को उखाड़कर नई राजनीति रचने के लिए मजबूत होती दिखाई दे रही थी.

1989 में अजीत सिंह से मुलायम ने काफी चतुराई से मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छीन ली

इसी रैली में सबसे पहले सामने आया क्रांति रथ. रथ पर सवार थे उस वक्त के कितने ही राजनीतिक चेहरे. बहुगुणा जी इन बागियों के नेता थे. रथ में बैठे चेहरों में जनेश्वर मिश्र और मुलायम सिंह यादव Mulayam Singh Yadav भी थे. ये वो समय था जब साइकिल से चलकर दंगल और मास्टरी करने वाला सैफई का एक छोटे कद और मजबूत देह वाला व्यक्ति सूबे की राजनीति में एक बड़ा प्रतिमान बन रहा था. ये मुलायम सिंह के बड़े नेता बनने के शुरुआती दिनों की कहानी है. इसके बाद मुलायम सिंह ने राजनीति में कभी पलटकर नहीं देखा. 1989 में अजीत सिंह से मुलायम ने काफी चतुराई से मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छीन ली और सूबे को एक यादव मुख्यमंत्री मिल गया.

सरयू नदी के पुल से लेकर 30 अक्टूबर और 2 नवंबर तक के गोलीकांड दर्ज

कांग्रेस उखड़ रही थी. उत्तर प्रदेश से भी और केंद्र से भी. मंडल कमीशन Mandal Commission लागू होने और राममंदिर आंदोलन की आग में देश सुलग रहा था. आंदोलन हो रहे थे. आरक्षण के विरोध में और राममंदिर की स्थापना के लिए. मुलायम सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. उन्होंने चेतावनी दी- बाबरी को गिराना तो दूर, बाबरी मस्जिद पर परिंदा भी पर नहीं मार सकता… मुलायम के इस वचन में सरयू नदी के पुल से लेकर 30 अक्टूबर और 2 नवंबर तक के गोलीकांड दर्ज हैं और यहीं से मुलायम सिंह यादव को उनके विरोधियों ने नाम दिया- मुल्ला मुलायम.

मुलायम को एमवाई समीकरण दिया जो उनकी आखिरी सांस तक उनकी थाती रहा

विरोधियों के लिए जो नारा था, दरअसल वो ही मुलायम सिंह यादव की सबसे बड़ी ताकत बन गया. मुलायम के कुर्सी पर रहते कारसेवक मरे और कारसेवक मारे गए. और इसी क्रिया प्रतिक्रिया ने मुलायम को एमवाई समीकरण दिया जो उनकी आखिरी सांस तक उनकी थाती रहा. राजनीति के मुलायम अब मुसलमानों के सबसे मजबूत विकल्प बन चुके थे। इस विकल्प ने उत्तर प्रदेश की राजनीति से कांग्रेस को उखाड़ दिया. बाबरी तब गिरी जब मुलायम की जगह भाजपा के कल्याण सिंह Kalyan Singh सूबे के सरदार बन चुके थे.

बाबरी गिरी तो कल्याण की सरकार भी गिरी. लेकिन मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक किलेबंदी में बाबरी विध्वंस का तुरुप फेल हो गया और कांशीराम के कंधे पर पैर रख कर मुलायम फिर सूबे की सत्ता पर कायम हो गए. और राजनीति के अगले दो दशकों में मुलायम सिंह यादव दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. तीसरे दशक में ये साइकिल उनके बेटे टीपू ने पकड़ ली और साइकिल की गद्दी पर बैठे अखिलेश यादव 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की गद्दी तक आसन्न हुए.

मुलायम जिस एक फोटो को अपने दिल में पलटकर रख चुके थे वो थी लोहिया की तस्वीर

मुलायम की राजनीति में जो एक चीज खो गई थी वो था समाजवाद. मुलायम जिस एक फोटो को अपने दिल में पलटकर रख चुके थे वो थी लोहिया की तस्वीर. मुलायम जिस एक फोटो को अपने दिल में पलटकर रख चुके थे वो थी लोहिया की तस्वीर. मुलायम जिस एक रास्ते से भटक गए थे, वो था साइकिल वाले समाजवाद का रास्ता. मुलायम जब गए हैं, कुनबा मेड़ की लड़ाई में उलझा हुआ है. मुलायम जब गए हैं, उनके रहने तक की आखिरी शर्म अब खुलकर नंगी हो सकती है. मुलायम अब जब गए हैं, उनकी पार्टी से संघर्ष की आखिरी पीढ़ी के बरगद का अवसान हो चुका है.

The Review

Mulayam Singh Yadav

मुलायम के कुर्सी पर रहते कारसेवक मरे और कारसेवक मारे गए. और इसी क्रिया प्रतिक्रिया ने मुलायम को एमवाई समीकरण दिया जो उनकी आखिरी सांस तक उनकी थाती रहा.

BNPNEWS

BNPNEWS

Related Posts

sim Binding
विशेष

सिम बाइंडिंग से बढ़ेगी सुरक्षा, ग्राहकों पर असर नहीं: सीओएआइ

December 11, 2025
बृहन्महाराष्ट्र मंडळ ने किया वेद मूर्ति का अभिनंदन
धर्म

बृहन्महाराष्ट्र मंडळ ने किया वेद मूर्ति का अभिनंदन

December 7, 2025
देश भर में अब खुलेंगे जेन-Z डाकघर
विशेष

देश भर में अब खुलेंगे जेन-Z डाकघर

December 6, 2025
Next Post
Sadhna Gupta

जिस अस्पताल में हुआ पत्नी का निधन, 93 दिन बाद मुलायम सिंह यादव ने भी वहीं ली अंतिम सांस

WhatsApp

एडमिन अब 1024 मेंबर्स कर सकेंगे ऐड, ग्रुप मैसेजिंग का अनुभव यूजर्स के लिए बेहतर होगा

Ujjain Mahakal

तीन वर्ष में बनकर तैयार हुआ उज्जैन महाकाल का नया रूप, 11 अक्‍टूबर को पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

Discussion about this post

Recommended

पांच प्रतिशत के कर स्लैब को हटा सकती है जीएसटी परिषद, कुछ उत्पादों के लिए नई दरें संभव

पांच प्रतिशत के कर स्लैब को हटा सकती है जीएसटी परिषद, कुछ उत्पादों के लिए नई दरें संभव

4 years ago
NITI Aayog meeting

पीएम मोदी ने राज्यों से कहा अगले 25 वर्षों की जिला वार विकास योजना बनाएं

Urban Haat In Sanskritik Sankul

चौकाघाट में सजेगी काशी की कला-संस्कृति की नई दुनिया

2 weeks ago
LIC Foundation Day 

1 सितंबर 2023 को एल.आई.सी. में स्थापना दिवस मनाया गया

Categories

  • -वाराणसी
  • GUJRAT
  • hariyana
  • karnatak
  • keral
  • News
  • Rajsthan
  • Uncategorized
  • uttrakhand
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्‍य
  • अपराध
  • अर्थ जगत
  • ओडिशा
  • खेल
  • जनता की आवाज
  • जम्मू कश्मीर
  • टेकज्ञान
  • दिल्‍ली
  • धर्म
  • पंजाब
  • पर्यटन
  • पश्चिम बंगाल
  • प्रदेश
  • बात अपनी
  • बिहार
  • मध्‍य प्रदेश
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • मौसम रिपोर्ट
  • यूपी
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • रोजगार
  • वाराणसी
  • विशेष
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • हेल्‍थ
  • हैदराबाद

Topics

kashi to jammu
No Result
View All Result

Highlights

करसड़ा में कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगी मुक्ति,

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र में एआइ युक्त सीसीटीवी कैमरे लगेंगे

दो माह में बनारस देश का पहला होगा गार्वेज फ्री सिटी

जेष्ठ माह के चौथे बढ़े मंगलवार को मनसापूरण हनुमान श्रृंगार

गंगा दशहरा पर गंगा के अविरल-निर्मल स्‍वरुप के लिए किया आवाह्न

हिमाचल में हिमपात, वर्षा व ओलावृष्टि से तापमान में 11.7 डिग्री तक गिरावट

Trending

madhyamik shiksha parishad
News

यूपी बोर्ड के मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला मेडल व 21,000 का पुरस्कार

by BNPNEWS
June 1, 2026
0

BNP NEWS DESK। madhyamik shiksha parishad  माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा-2026...

सुषमा जोशी मेमोरियल ओपन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में तेजस्व बने चैंपियन

सुषमा जोशी मेमोरियल ओपन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में तेजस्व बने चैंपियन

June 2, 2026
Birds Find Shelter

बेजुबानों पक्षियों को मिली ‘नगर निगम की छाया

June 1, 2026
Biomining

करसड़ा में कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगी मुक्ति,

May 26, 2026
Shri Kashi Vishwanath Dham

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र में एआइ युक्त सीसीटीवी कैमरे लगेंगे

May 26, 2026

We bring you the best Premium WordPress Themes that perfect for news, magazine, personal blog, etc.

Follow us on social media:

Recent News

  • यूपी बोर्ड के मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला मेडल व 21,000 का पुरस्कार
  • सुषमा जोशी मेमोरियल ओपन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में तेजस्व बने चैंपियन
  • बेजुबानों पक्षियों को मिली ‘नगर निगम की छाया

Category

  • -वाराणसी
  • GUJRAT
  • hariyana
  • karnatak
  • keral
  • News
  • Rajsthan
  • Uncategorized
  • uttrakhand
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्‍य
  • अपराध
  • अर्थ जगत
  • ओडिशा
  • खेल
  • जनता की आवाज
  • जम्मू कश्मीर
  • टेकज्ञान
  • दिल्‍ली
  • धर्म
  • पंजाब
  • पर्यटन
  • पश्चिम बंगाल
  • प्रदेश
  • बात अपनी
  • बिहार
  • मध्‍य प्रदेश
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • मौसम रिपोर्ट
  • यूपी
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • रोजगार
  • वाराणसी
  • विशेष
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • हेल्‍थ
  • हैदराबाद
  • About
  • Advertise
  • Careers
  • Contact

© 2021 Bharat News Post- All rights belong to their respective owners.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • प्रदेश
    • यूपी
    • दिल्‍ली
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • अन्‍य
  • राजनीति
  • विशेष
    • टेकज्ञान
    • धर्म
    • पर्यटन
    • मनोरंजन
    • रोजगार
    • शिक्षा
    • हेल्‍थ
  • खेल
  • अर्थ जगत
  • बात अपनी
  • अपराध

© 2021 Bharat News Post- All rights belong to their respective owners.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?