बीएनपी न्यूज डेस्क। मऊ के दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के एआरटीओ आफिस के सामने 12 वर्ष पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड मामले में सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंङ्क्षसग से पेशी नहीं हो सकी। बांदा जेल प्रशासन ने एक अन्य मामले में पूर्व विधायक को लखनऊ पेशी पर ले जाने को कारण बताया। एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश दिनेश चौरसिया ने अगली पेशी के लिए 15 अप्रैल की तिथि तय की है। यह जानकारी मुख्तार के अधिवक्ता ने दी है।
बता दें कि ठेकेदार मन्ना ङ्क्षसह हत्याकांड के चश्मदीद गवाह रामङ्क्षसह मौर्या व सिपाही सतीश कुमार हत्याकांड से संबंधित व धोखाधड़ी कर फर्जी असलहा लाइसेंस के गैंगस्टर मामलों में मुख्तार अंसारी की अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं तीन व एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट में सोमवार को पेशी होनी थी।
गैंगस्टर लगाए जाने के बाद घिरीं डा. अलका राय, निदेशक हिरासत में
आठ माह की जेल की हवा खाने के बाद रिहा हुईं श्याम संजीवनी हास्पिटल बलिया मोड़ की महिला रोग विशेषज्ञ डा. अलका राय बहुचर्चित एंबुलेंस प्रकरण में एक बार फिर घिरतीं नजर आ रही हैं। बाराबंकी में गैंगस्टर के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद सोमवार को दोपहर हलधरपुर थाना पुलिस उनके आवास पर पहुंची और अस्पताल के निदेशक शेषनाथ राय को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बाद में उन्हें मधुबन थाना लेकर चली गई। उधर बाराबंकी पुलिस वहां से दोपहर बाद चल चुकी है। उसके आने बाद ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी।
बाराबंकी एंबुलेंस प्रकरण में अस्पताल की संचालिका डा. अलका राय व निदेशक शेषनाथ राय को लगभग दस माह पूर्व गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद इन्हें जेल भेज दिया गया था। लगभग आठ माह तक बाराबंकी जेल में बंद थीं। ढाई माह पूर्व दोनों लोग जमानत पर छूट कर आए थे। इसी बीच सोमवार को एंबुलेंस प्रकरण में माफिया मुख्तार अंसारी सहित 13 लोगों पर बाराबंकी पुलिस ने गैंगस्टर के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। इसमें ये दोनों लोग भी शामिल हैं।








