BNP NEWS DESK। Sweets of Banaras काशी की गलियों की मिठास अब ग्रेटर नोएडा के अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में बनारस की लौंगलता और तिरंगा बर्फी ने देशी-विदेशी खरीदारों का स्वाद ऐसा जीता कि लौंगलता की बिक्री 100 किलो के पार पहुंच गई। बनारसी मिठाइयों की मांग के साथ लाइव काउंटर पर बनारसी पान का स्वाद लेने वालों की भी भीड़ जुट रही है। पूर्वांचल के दूसरे पारंपरिक स्वाद भी पीछे नहीं हैं। जौनपुर की इमरती करीब 100 किलो और चंदौली का काला चावल 75 किलो बिक चुका है। यानी इन तीन उत्पादों की ही बिक्री 275 किलो से अधिक हो गई है।
एक नजर में बिक्री
लौंगलता : 100 किलो से अधिक
जौनपुर की इमरती : करीब 100 किलो
चंदौली का काला चावल : करीब 75 किलो
तीन उत्पादों की ज्ञात बिक्री : 275 किलो से अधिक
काशी की मिठास को मिला बड़ा बाजार
वाराणसी से लौंगलता, तिरंगा बर्फी और बनारसी पान से जुड़े चार उद्यमी ट्रेड शो में पहुंचे हैं। लौंगलता कारोबारी चंद्रबली यादव ने बताया कि अब तक करीब एक क्विंटल से अधिक लौंगलता बिक चुकी है। खरीदारों के रुझान को देखते हुए आगे भी नए आर्डर मिलने की उम्मीद है। तिरंगा बर्फी के कारोबारी राजीव सिंह ने भी बिक्री और खरीदारों की प्रतिक्रिया पर संतोष जताया।
इमरती से काला चावल तक पूर्वांचल की पहचान
जौनपुर की इमरती भी खरीदारों की पसंद बनी हुई है। कारोबारी आशीष गुप्ता के अनुसार करीब 100 किलो इमरती बिक चुकी है और मांग अधिक होने से कई बार माल कम पड़ गया। वहीं चंदौली के काला चावल और उससे तैयार खीर को भी पसंद किया जा रहा है। कारोबारी रामाश्रय कुमार पाल के अनुसार 75 किलो काला चावल की बिक्री हो चुकी है।
उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि पहली बार यूपीआईटीएस में एक जनपद-एक व्यंजन के तहत पारंपरिक व्यंजनों को भी मंच दिया गया है। उद्यमियों को निश्शुल्क काउंटर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उन्हें बड़े बाजार और नए खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिल रहा है। लाइव काउंटर पर बनारसी पान काशी के खानपान की पहचान को नए अंदाज में पेश कर रहा है।







