BNP NEWS DESK। No Relief in the camp वाराणसी में वरुणा का पानी घरों में घुसा तो ढेलवरिया वार्ड-36 के परिवारों ने किसी तरह अपना आशियाना छोड़ा और राहत शिविर का रुख किया। उम्मीद थी कि कम से कम शिविर में दो वक्त का भोजन और जरूरी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन यहां भी अव्यवस्थाओं ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी।
राम-जानकी मंदिर परिसर में बनाए गए शिविर में मंगलवार को भोजन की व्यवस्था को लेकर प्रभावित परिवारों का आक्रोश खुलकर सामने आया।
No Relief in the camp शिविर में रह रहे सिद्धार्थ मौर्या ने बताया कि करीब तीन साल पहले बाढ़ से बचने के लिए उन्होंने अपने घर का ग्राउंड फ्लोर तक भरवा दिया था। इसके बावजूद वरुणा का पानी इस बार परेशानी का कारण बन गया।
घर छोड़कर शिविर में आए परिवारों के सामने शौचालय की समस्या भी बनी हुई है। उनका कहना था कि बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में करीब 95 शिविर लगाए गए हैं, लेकिन प्रभावित लोगों को अभी भी कई जरूरी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है।
शिविर में रहने के लिए लोग तिरपाल तक खुद खरीदकर लाना पड़ रहा है। बांस-बल्ली भी लोग अपने स्तर से जुटा रहे हैं। भोजन को लेकर उन्होंने गंभीर शिकायत की।
बताया कि सोमवार रात भोजन मिला, लेकिन सब्जी में आलू सड़ा हुआ था। इसके बाद मंगलवार को दोपहर दो बजे तक भोजन नहीं पहुंचा। करीब ढाई बजे खाना पहुंचने पर कई लोगों ने भोजन करने से इनकार कर दिया। उनका दावा है कि शिविर में रह रहे आधे से अधिक लोगों ने खाना नहीं खाया। No Relief in the camp
दावा-अब समय से मिलेगा भोजन
शिकायतों के बीच प्रशासन ने व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा किया है। लेखपाल पंकज सिंह ने बताया कि राहत किट के आदेश का इंतजार है। अगले एक-दो दिन में किट की मांग भेजी जाएगी। भोजन के लिए टेंडर किया जा चुका है।
अब चावल-दाल समेत भोजन समय से उपलब्ध कराया जाएगा और कोशिश है कि दोपहर 12 बजे तक खाना शिविर में पहुंच जाए।
उन्होंने बताया कि अब शिविर के पास स्थित स्कूल में ही किचन संचालित कराया जाएगा।
मंगलवार से बनने वाले भोजन को पहले जांचने के बाद ही शिविर भेजा गया। प्रशासन के इस दावे के बीच प्रभावित परिवारों की निगाह अब इस बात पर है कि राहत शिविर में व्यवस्था कागज से निकलकर जमीन पर कितनी जल्दी दिखाई देती है।
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविर में प्रकाश से लेकर स्वास्थ्य परिक्षण और दवा वितरण का काम किया जा रहा है।







