BNP NEWS DESK । Adityanath Jha सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और मैथिल समाज, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति पद्मविभूषण डा आदित्यनाथ झा (आईसीएस) की 115 वीं जयन्ती सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य प्रो जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में योग साधना केन्द्र में सम्पन्न|
समारोह का शुभारंभ आगत अतिथियों द्वारा डा आदित्यनाथ झा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित करके हुआ
Adityanath Jha मैथिल समाज, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष निरसन कुमार झा एडवोकेट ने समारोह के मुख्य वक्ता प्रो रजनीश कुमार शुक्ल और समारोह के अध्यक्ष प्रो जितेंद्र कुमार को माला, दुपट्टा,पाग और आदित्यनाथ का मोमेंटो देकर सम्मानित किया|
अपने प्रो अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो जितेंद्र कुमार ने कहा कि डा आदित्यनाथ झा का जन्म 18 अगस्त 1911 को संगम नगरी प्रयागराज में हुआ था| महान शिक्षाविद सर गंगानाथ झा के पांच बेटों में आदित्यनाथ झा सबसे छोटे थे| जब 1934 में तत्कालीन प्रशासनिक सेवा में आईसीएस में आदित्यनाथ झा ने पूरे विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया तो इनके घर में बहुत खुशी का माहौल था, आदित्यनाथ ने अपनी मां से कहा की मां मैंने आईसीएस की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और मैं अब डीएम बनुंगा| यह सुनकर उनकी मां को बहुत खुशी नही हुई मां ने मजाकिया लहजे में कहा अगर तुम किसी विश्वविद्यालय के कुलपति बनते तो मुझे बहुत खुशी होती| मां कि ये बात आदित्यनाथ को अन्दर से झकझोर दिया| जब गवर्नमेंट संस्कृत कालेज वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय बना तो सन 1958 में आदित्यनाथ झा विश्वविद्यालय का प्रथम कुलपति बने। Adityanath Jha
आदित्यनाथ के जीवन में प्रथम शब्द का महत्वपूर्ण स्थान
मुख्य वक्ता तुलनात्मक धर्म दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो रजनीश शुक्ल ने कहा कि आदित्यनाथ झा के जीवन में प्रथम शब्द का महत्वपूर्ण स्थान था। तत्कालीन आईसीएस परीक्षा में जो आज आईएएस है उसमें पुरे विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। समपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति, दिल्ली के प्रथम उपराज्यपाल, मैसूरी प्रशासनिक अकादमी के प्रथम डाइरेक्टर| 1939 में बनारस में सह दंगा-दंडाधकारी पर आसीन होने वाले प्रथम भारतीय थे| 1954 में सबसे कम उम्र में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव बने|26 जनवरी सन् 1972 को मरणोपरांत देश के दुसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्मविभूषण से अलंकृत किया गया|
कार्यक्रम का संयोजन गौतम कुमार झा एडवोकेट ने किया तथा संचालन प्रो कमलेश झा ने किया| स्वागत संस्था के अध्यक्ष निरसन कुमार झा एडवोकेट ने किया| धन्यवाद नन्द कुमार सिंह ने दिया और विषय स्थापना अशोक तिवारी ने किया|
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रो हरि प्रसाद अधिकारी,प्रो शैलेश कुमार मिश्र,प्रो दिनेश कुमार गर्ग,प्रो अमित कुमार शुक्ल,प्रो विजय पाण्डेय,प्रो महेंद्र पाण्डेय विश्वविद्यालय के पीआरओ शशीन्द्र मिश्र,डा मधुसूदन मिश्र, सुधीर झा,नीलकमल झा,विवेक झा आदि लोग उपस्थित थे| Adityanath Jha











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