BNP NEWS DESK। call center जिले में संचालित सभी कॉल सेंटर पर पुलिस नजर रखेगी। सभी कॉल सेंटरों के संचालकों को अपनी पूरी जानकारी पुलिस को नी होगी। यह निर्देश पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को दिया। उन्होंने साइबर अपराध पर नियंत्रण करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की।
call center पुलिस कमिश्नर के निर्देशानुसार कॉल सेंटर के संचालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर बताना होगा। इसके साथ कर्मचारियों की पूरी जानकारी और कॉल सेंटर चलाने का उद्देश्य बताना होगा। उसमें प्रयोग में लाये जाने वाले टेलीफोन नंबरों की सूची भी प्रदान करनी होगी।
इन नंबरों की जांच पुलिस साइबर क्राइम पोर्टल से की जाएगी। कोई गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर ने एनसीआरपी पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों में फ्राड के लिए इस्तेमाल मोबाइल नंबरों को ब्लाक करने के लिए कहा। फर्जी नाम से सिम बेचने वालों को जेल भेजने, साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों को फ्रीज करने का निर्देश दिया।
वाराणसी में पकड़े गए पांच कॉल सेंटर
वाराणसी में पांच कॉल सेंटर पकड़े गए जिनसे देश-विदेश में साइबर ठगी जाती थी। इसे संचालित करने वाले देश व विदेश के लोगों को अलग-अलग बहाने से ठग रहे थे। इन कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक-युवतियां अलग-अलग भाषा के जानकार होते हैं।
अपनी इस प्रतिभा का उपयोग करते हुए ठगी के लिए लोगों को काल करते हैं। साइबर एक्सपर्ट बनकर तो भी इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बनकर ठगते हैं। लोगों के मेहनत की कमाई साइबर ठगों के संचालित खातों में ट्रांसफर कराते हैं।
जापान में ठगी करने वाला कॉल सेंटर महमूरगंज क्षेत्र में टेकू समुराई के नाम से संचालित होता था। इसमें जापानी भाषा को जानने वाले स्थानीय युवकों भर्ती किया गया था।
कॉल सेंटर से स्थानीय 70 युवक काम करते थे। जापान पुलिस से मिली सूचना के आधार पर सीबीआइ ने छापा मारकर काल सेंटर संचालक आदर्श कुमार को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने सिगरा व मलदलिया स्थित दो कॉल सेंटर पर छापा मारकर संचालक समेत 29 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। कॉल सेंटर के जरिए दक्षिण व पश्चिम भारत के लोगों को निशाना बनाया जा रहा था। वाराणसी में संचालित होने वाले दो कॉल सेंटर से साइबर ठगी के 27 मामलों की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज किए गए हैं।
विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने ठगी करने वाले साइबर ठगों के गिरोह का राजफाश
विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने ठगी करने वाले साइबर ठगों के गिरोह का राजफाश करते हुए सात ठगों को गिरफ्तार किया था। साइबर ठगों का गिरोह मोती झील व माधोपुर में फर्जी काल सेंटर संचालित कर रहा था। इसके माध्यम से खाड़ी देशों, इंजराइल, ओमान, कंबोडिया, साउथ अफ्रीका समेत अन्य देशों में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। जाल में फंसने वाले युवक-युवतियों को नकली नियुक्ति पत्र, नकली वीजा और नकली हवाई जहाज का टिकट भी देते थे।
रोहनिया में कॉल सेंटर पकड़ा गया। यहां से 29 साइबर ठगों को गिरफ्तार करके 24 मोबाइल 40 लैपटाप व 42 डेस्क टाप बरामद किए गए थे। काल सेंटर के जरिए यूके और यूएस के लोगों के साथ ठगी की जाती थी। चीन में बैठ इसे संचालित करते थे और कॉल करने के लिए सिंगापुर का सर्वर इस्तेमाल करे थे।
















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