BNP NEWS DESK। Shri Hanuman Jayanti शास्त्रों के अनुसार भगवान हनुमान का जन्म कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को सायंकाल मेष लग्न में हुआ था। इस बार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी 19 अक्टूबर रविवार को है। उस दिन शाम को एक घंटा 37 मिनट मेष लग्न का योग मिल रहा। इस काल में भक्त मां अंजना के लाल भगवान हनुमान का जयंती मनाएंगे और चना-लड्डू का विशेष प्रसाद चढ़ाए।
Shri Hanuman Jayanti अगले दिन सोमवार को दीपावली की सुबह भी उदयातिथि में चौदस तिथि होने के कारण भक्तों को हनुमानजी का जन्मोपरांत दर्शन-पूजन करने का सौभाग्य मिलेगा और रूप चौदस का पर्व भी मनाया जाएगा।
ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी ने बताया कि रविवार दोपहर 1:55 बजे चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी जो अगले दिन सोमवार 20 अक्टूबर को दोपहर बाद 2:56 बजे तक रहेगी। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी में मेष लग्न रविवार को शाम 5:37 बजे से 7:14 बजे रहेगा। Shri Hanuman Jayanti
ऐसे में हनुमत जयंती व नरक चतुर्दशी का पर्व रविवार 19 अक्टूबर को ही मनाए जाएंगे। हनुमत जन्मोत्सव के बाद चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्दशी को नरक निवारण चतुर्दशी के रूप में मनाया जाएगा। इसे छोटी दिवाली भी कहते हैं।
धनतेरस से आरंभ होने वाले दीप ज्योति पर्व शृंखला के दूसरे दिन प्रदोष काल में यानी सूर्यास्त के बाद दो घंटा 24 मिनट के कालखंड में यम के नाम घर के बाहर चतुर्मुखी दीपक जलाने का विधान है।
परिवार को अकाल मृत्यु की दुर्घटना से बचाने के लिए नरक निवारण चतुर्दशी की रात यम के नाम चतुर्मुखी दीपक जलाने के बाद अगले दिन अमावस्या की प्रात:काल यम तर्पण का विधान करना चाहिए।
धनतेरस के अगले दिन चतुर्दशी को रूप यानी सौंदर्य धन की भी रक्षा का विधान है। इस बार उदयातिथि में चतुर्दशी सोमवार 20 अक्टूबर को मिलेगी, अत: रूप चौदस व यम तर्पण सोमवार को मनाया जाएगा। Shri Hanuman Jayanti
















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