BNP NEWS DESK। hdfc bank हाथरस में समोसा और मिठाई की छोटी सी दुकान चलाने वाले एक युवक ने एचडीएफसी बैंक में बड़ा घोटाला कर डाला। चालू खाता खुलवाकर ओवरड्राफ्ट के जरिए पांच करोड़ की धनराशि अपने बचत खाते में ट्रांसफर कर ली और फिर 50-50 लाख के 10 ट्रांजेक्शन किए। यह राशि म्युचुअल फंड, एसआइपी, फिक्स डिपोजिट, मां और दोस्तों के खाते में भेजकर ठिकाने लगा दी।
hdfc bank एक परिचित ने तीन लाख उधार मांगे तो दस लाख रुपये दे डाले। इसके चलते शक होने पर उसी परिचित ने पुलिस से शिकायत कर दी। जांच हुई तो बैंक अधिकारियों के भी होश उड़ गए। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। करीब दो करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए हैं। इस पूरे मामले में बैंक के तीन मैनेजर संदेह के घेरे में हैं।
एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि 23 वर्षीय आकाश कुमार अपने घर के बाहर समोसा और मिठाई की दुकान चलाता था। उसका एचडीएफसी बैंक मंडी शाखा में तीन वर्ष पुराना बचत खाता है। 30 जुलाई को उसने बस स्टैंड के निकट स्थित इसी बैंक की शाखा में मां चामुंडा देवी स्वीट्स के नाम से चालू खाता खुलवाया। ओवरड्राफ्ट सुविधा से उसने एक सप्ताह में पांच सौ, पांच हजार, 50 हजार, एक लाख और तीन लाख अपने बचत खाते में ट्रांसफर किए।
24 अगस्त को 50 लाख रुपये ओवरड्राफ्ट किए
यह राशि 24 घंटे के भीतर वापस जमा करता रहा। 24 अगस्त को 50 लाख रुपये ओवरड्राफ्ट किए। उस दिन रविवार था। बैंक ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। तीन दिन बाद बैंक से उसके पास एक ई-मेल पहुंचा जिसमें ओवरड्राफ्ट की गई धनराशि को वापस जमा कराने के लिए कहा गया। उसने पैसे जमा नहीं कराए फिर भी उसके खाते को होल्ड या फ्रीज नहीं किया गया। चार सितंबर तक उसने 50-50 लाख के नौ और ओवरड्राफ्ट ट्रांजेक्शन किए। hdfc bank
कुल पांच करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर और निवेश कर दिए। बैंक के क्लस्टर हेड अजीत कुमार सिंह की तहरीर पर कोतवाली नगर में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। बैंक प्रबंधक दीपक अरोड़ा ने बताया कि विभागीय जांच चल रही है। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। एसपी ने बताया कि बैंककर्मियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पांच सौ रुपए से खोला था चालू खाता
अभी तक की जांच में सामने आया है कि आकाश ने सभी लेनदेन आनलाइन किए। पांच सौ रुपये से चालू खाता खोला था। ओवरड्राफ्ट की लिमिट तय होती है, मगर इसके मामले में अलग रहा। आकाश शुरूआत में छोटी राशि निकालता और जमा कर देता।
इससे लेनदेन की लिमिट बढ़ती चली गई। मगर, अचानक नियम से अधिक राशि खाते से निकाल ली। इसे बैंक वाले तकनीकी गड़बड़ी बता रहे हैं। जबकि पुलिस का मानना है कि ऐसा बिना मिलीभगत के संभव नहीं है। ओवरड्राफ्ट की इतनी बड़ी लिमिट बड़े व्यापारियों की होती है। महज समोसा विक्रेता को पांच करोड़ की लिमिट नहीं हो सकती।
















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