BNP NEWS DESK। Munir Trump अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले दिनों पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को व्हाइट हाउस में लंच पर आमंत्रित किया था। अब पाकिस्तान ने इसका कर्ज उतारने का फैसला किया है। पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को कहा कि उसने हाल में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान निर्णायक कूटनीतिक हस्तक्षेप के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए औपचारिक रूप से नामित करने का फैसला किया है।
Munir Trump यह घोषणा एक्स पर एक पोस्ट में की गई, जिसका शीर्षक था-पाकिस्तान सरकार 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप की सिफारिश करती है। ट्रंप द्वारा व्हाइट हाउस में आसिम मुनीर की मेजबानी किए जाने के तीन दिन बाद पाकिस्तान सरकार ने यह एलान किया है।
पाकिस्तान सरकार ने कहा कि क्षेत्रीय अशांति बढ़ने के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान और भारत दोनों के साथ मजबूत कूटनीतिक जुड़ाव के माध्यम से शानदार रणनीतिक दूरदर्शिता और शानदार राजनेता के रूप में परिचय दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेजी से बिगड़ती स्थिति को संभाला, जिससे आखिरकार संघर्ष विराम सुनिश्चित किया जा सका और दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच व्यापक संघर्ष को टाला जा सका।
भारत अपने रुख पर कायम, किसी ने नहीं कराई मध्यस्थता
पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। भारत ने सात मई को तड़के पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर जोरदार हमले किए। भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक संघर्ष चला। 10 मई को दोनों पक्षों के सैन्य अभियान महानिदेशकों के बीच वार्ता के बाद संघर्ष विराम पर सहमति बनी।
ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोका है। दूसरी तरफ, भारत अपने इस रुख पर कायम रहा है कि किसी ने मध्यस्थता नहीं कराई है। पाकिस्तान के आग्रह पर संघर्ष विराम हुआ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति बोले-कुछ भी कर लूं, नोबेल नहीं मिलेगा
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने या रूस-यूक्रेन और इजरायल-ईरान संघर्षों में उनके प्रयासों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच “ट्रुथ सोशल” पर पोस्ट किया-मैं चाहे कुछ भी करूं, लेकिन मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा कि उन्हें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि वह विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ मिलकर कांगो और रवांडा के बीच संघर्ष रोकने के लिए एक अद्भुत संधि करा रहे हैं। इस संघर्ष को अन्य युद्धों की तुलना में कहीं अधिक हिंसक रक्तपात के लिए जाना जाता है। ट्रंप ने कहा, हालांकि मुझे इसके लिए नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलेगा।
















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