BNP NEWS DESK। Mansukh Mandaviya केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Mansukh Mandaviya ने वाराणसी में कहा कि हार्ट अटैक के केस बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। पहले यह केवल उम्रदराज लोगों में देखने को मिलता था। आज हार्ट अटैक का शिकार युवा हो रहे हैं। समस्या से हम लोग भी वाकिफ हैं। इसका भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएएमआर) अध्ययन कर रहा है, जो सुझाव आएंगे उस पर आगे कोई निर्णय लिया जाएगा।

गरीब और आम आदमी को कैसे सस्ता और सुलभ उपलब्ध हो उसके लिए हम लोग प्रयासरत
Mansukh Mandaviya शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर काशी में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज डे व सीएचओ कांफ्रेंस का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। कोविड वैक्सीन के दुष्प्रभाव की बात को उन्होंने पूरी तरह से खारिज कर दिया। कहा कि ऐसा कोई न तो रिसर्च है और न ही इसके कोई प्रमाण हैं। गरीब और आम आदमी को कैसे सस्ता और सुलभ उपलब्ध हो उसके लिए हम लोग प्रयासरत हैं। दो दिनों में हम इसी दिशा में मंथन करेंगे।
2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं
इस अवसर पर बोलते हुए, राज्यपाल, उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम मील तक वितरण प्रदान करने में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के काम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “मुझे यह जानकर खुशी हुई कि 1.33 लाख से अधिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र अब चालू हो गए हैं और टेली-परामर्श सेवाओं के केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं”।
उन्होंने आगे इन केंद्रों पर चिकित्सा पेशेवरों को स्थानीय आबादी के बीच विभिन्न बीमारियों की जांच के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया, इस बात पर बल भी दिया कि रोगों के उन्मूलन के लिए सहयोगात्मक प्रयास आवश्यक है। निक्षय-मित्र पहल की भावना और प्रगति की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि, “केंद्र, राज्यों, समुदायों और व्यक्तियों के सहयोगात्मक प्रयास से, हम आसानी से 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। आइए हम सब आगे आएं और निक्षय मित्र बन टीबी रोगियों का समर्थन करें।”
डिजिटल स्वास्थ्य में भारत सरकार की प्रमुख पहल
सम्मेलन के प्रारंभ में, डॉ. मनसुख मंडाविया ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को उनकी निस्वार्थ सेवा और विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान प्रदर्शित कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने डिजिटल स्वास्थ्य में भारत सरकार की प्रमुख पहल ई-संजीवनी के महत्वपूर्ण प्रभाव की प्रशंसा करते हुए विस्तार से बताया कि इसने रोगी के प्रति स्वास्थ्य यात्रा में 21.59 किमी की सफलतापूर्वक बचत कर उसके खर्चे में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 941.51 रुपये प्रति स्वास्थ्य यात्रा बचाये हैं इस पहल से देश भर में कुल 7,522 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
टेली-परामर्श की सुविधा आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों पर उपलब्ध हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आग्रह किया कि स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में प्रदान की जा रही 12 स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्क्रीनिंग, निदान और उपचार के माध्यम से एकीकृत स्वास्थ्य और कल्याण पर व्यापक अभियान के लिए महीने में एक बार स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जाना चाहिए।
आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल, उत्तर प्रदेश ने आज केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया की उपस्थिति में वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) के दो दिवसीय सम्मेलन का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में राज्यों के कई स्वास्थ्य मंत्रियों ने भी भाग लिया। उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री, डॉ दया शंकर मिश्रा, विदादला रजनी (आंध्र प्रदेश), बन्ना गुप्ता (झारखंड), डॉ प्रभुराम चौधरी (मध्य प्रदेश), धन सिंह रावत (उत्तराखंड), रवींद्र जायसवाल (उत्तर प्रदेश), चंद्रिमा भट्टाचार्य (पश्चिम बंगाल), डॉ. सपम रंजन (मणिपुर) और डॉ. एम के शर्मा (सिक्किम) शामिल थे।
बिल्ड द वर्ल्ड वी वांट: ए हेल्दी फ्यूचर फॉर ऑल
सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस 2022 की थीम है “बिल्ड द वर्ल्ड वी वांट: ए हेल्दी फ्यूचर फॉर ऑल”। सभी के लिए एक स्वस्थ भविष्य के निर्माण में स्वास्थ्य कवरेज के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, UHC यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि सभी लोगों को इन सेवाओं के लिए भुगतान करते समय वित्तीय कठिनाइयों का सामना किए बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज G20 इंडिया हेल्थ ट्रैक में एक प्राथमिकता के रूप में शामिल है और 2030 के संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के लिए एक प्रमुख लक्ष्य के रूप में भी शामिल है।
सम्मेलन के पहले दिन, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निम्नलिखित श्रेणियों के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया
1. लक्ष्य के विरुद्ध एचडब्ल्यूसी के संचालन की उपलब्धि,
2. टेली परामर्श), और
3. आभा आईडी जनरेशन।
पीएम-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) और 15वें वित्तीय आयोग के कार्यान्वयन पर एक मंत्रिस्तरीय सत्र भी आज आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में डॉ आर एस शर्मा, सीईओ, एनएचए, श्री राजेश भूषण, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, सुश्री रोली सिंह, एएस एंड एमडी (एनएचएम), केंद्र, राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी और विकास भागीदारों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।








