BNP NEWS DESK। Birds Find Shelter चिलचिलाती धूप में इंसान अपने घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं । वहीं गर्मी के कहर व कंक्रीट के जंगलों में पक्षियों का भी अब दम घुटने लगा है।
Birds Find Shelter इसे देखते हुए नगर निगम ने शहर की शहरी जैव विविधता को बचाने के लिए एक ऐसा मानवीय कदम उठाया है, जिससे न केवल शहर का तापमान कम होने की उम्मीद है, बल्कि बेजुबान पक्षियों को भी जीवन का अधिकार मिल गया है।
जलपात्र किसी अमृत से कम नहीं
निगम के इस प्रकृति पोषण अभियान के तहत शहर के पार्कों, सरकारी परिसरों और गली-मोहल्लों में 4,000 जीवन रक्षक सामग्री पहुंचाई गई। भीषण गर्मी और पानी की बूंद-बूंद को तरसते बेजुबान पक्षियों के लिए ये घोंसले और जलपात्र किसी अमृत से कम नहीं हैं। यह पहल दिखाती है कि निगम का विजन केवल विकास तक सीमित नहीं, बल्कि सह-अस्तित्व की भावना पर आधारित है। निगम का यह प्रयास केवल तत्काल राहत देने तक सीमित नहीं है। Birds Find Shelter
निगम का लक्ष्य नागरिकों के भीतर प्रकृति के प्रति एक दीर्घकालिक संवेदनशीलता विकसित करना भी है। पेड़ों की छांव में लटके ये नन्हे आशियाने अब शहर की बदलती तस्वीर को बयां कर रहे हैं। काशी के लोग अब केवल मंदिर-घाट के लिए ही नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं के प्रति अपनी करुणा के लिए भी पहचान बना रहे हैं, जो एक हरित और संवेदनशील शहर के निर्माण का आधार है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच हमारे पंख वाले दोस्तों के प्राकृतिक आवास सिमटते जा रहे हैं। निगम का यह प्रयास है कि जिस तरह हम राहगीरों के लिए ‘प्याऊ’ की व्यवस्था करते हैं।
ठीक उसी तरह इन बेजुबान जीव-जंतुओं के लिए भी पानी और आश्रय सुनिश्चित हो। यह घोंसले और जलपात्र केवल वस्तुएं नहीं, बल्कि इस बात का प्रतीक हैं कि हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहना होगा। जनभागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण को एक जन-आंदोलन का रूप दिया जा सकता है, और मुझे गर्व है कि काशीवासी इसमें बढ़-चढ़कर योगदान दे रहे हैं। Birds Find Shelter















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