BNP NEWS DESK। Yogi Adityanath मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार सबको बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए कटिबद्ध है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार पहली बार पीपीपी मोड पर भी मेडिकल कालेज बनवा रही है। आने वाले पांच से सात वर्षों में प्रदेश में डाक्टरों की कमी नहीं रहेगी। सभी पीएचसी, सीएचसी को कुशल डाक्टर मिलेंगे। लोहिया, एसजीपीजीआइ, केजीएमयू समेत अन्य सरकारी चिकित्सा संस्थानों को अच्छे विशेषज्ञ चिकित्सक मिलेंगे। आज उत्तर प्रदेश वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कालेज की दिशा में तेजी के साथ बढ़ रहा है।
Yogi Adityanath शुक्रवार को राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के चतुर्थ स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस को लेकर इस बार भी दो बार सर्वे कराया गया, जिसमें सामने आया कि एक भी बच्चे की मौत नहीं हुई है। इंसेफ्लाइटिस को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है, लेकिन अफसोस है कि अब तक इस पर कोई स्टडी पेपर नहीं लिखा गया, जबकि यह सफलता का माडल है।
कोविड महामारी में टीम-11 का गठन कर संक्रमण को काबू में किया। यह इंसेफ्लाइटिस के सफलतापूर्वक समाधान के बाद प्राप्त हुए अनुभव से संभव हुआ। पांच वर्ष पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस से प्रत्येक वर्ष 1200 से 1500 मौतें होती थीं। Yogi Adityanath
यह क्रम पिछले 40 वर्ष से चल रहा था। पिछली सरकारों का इससे कोई लेना-देना नहीं था। सड़क से सदन तक इस मुद्दे को उठाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंसेफ्लाइटिस पर लगाम लगाने के लिए गोरखपुर को एम्स दिया। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बनने पर इसे खत्म करने की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर थी। वर्ष 2019 में यानी दो साल के भीतर इस पर पूरी तरह काबू पा लिया। Yogi Adityanath
पूर्वी यूपी का गेटवे आफ इंडिया है लोहिया संस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषि परंपरा में बीज का वृक्ष बन जाना संस्कृति कहलाता है, जबकि बीज का सड़कर नष्ट हो जाना विकृति कहलाता है। हमारी संस्कृति ही जीवन के विकास का आधार है।
ऋषि परंपरा के अनुरूप ही डा.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान अस्पताल से इंस्टीट्यूट बनकर सामने है। अब इसकी पहचान पूर्वी उत्तर प्रदेश के गेटवे के रूप में होती है। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि अच्छे काम करने पर परिणाम भी अच्छे आते हैं। इसलिए एक अच्छे डाक्टर को व्यावहारिक होना चाहिए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, संस्थान के निदेशक प्रो. सीएम सिंह उपस्थित थे।
ये हुए सम्मानित
मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डा.दीपक सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डा.नेहा राय, बायोकेमेस्ट्री से डा.वंदना तिवारी, यूरोलाजी से डा.संजीत सिंह, न्यूरोलाजी से डा.अब्दुल कवि, रेडियोथेरेपी से डा.मधुप रस्तोगी, माइक्रोबायोलाजी से डा.ज्योत्सना अग्रवाल, जनरल मेडिसिन से डा.ऋतु करोली, कम्युनिटी मेडिसिन से डा.सुमित दीक्षित और फिजियोलाजी से डा.विभा गंगवार को पुरस्कृत किया।








