शेयर, मुद्रा बाजार में वैश्विक अनिश्चितता का असर

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BNP NEWS DESK।  Share Market ईरान की तरफ से रविवार को इजरायल पर किए गए हमले का असर सोमवार को दुनिया के तमाम शेयर और वित्तीय बाजारों के साथ भारतीय बाजारों पर दिखा। सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

Share Market दूसरा ओर, मुद्रा बाजार में डालर के मुकाबले रुपये में छह पैसे की गिरावट देखी गई है।  हालांकि, हालिया प्रदर्शन को देखते हुए रुपये में यह गिरावट आश्चर्यजनक नहीं है। Share Market

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

 

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही है जो अनुमान के विपरीत है। सोमवार को कच्चा तेल 0.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 89.60 डालर प्रति बैरल के स्तर पर रहा।

कई एजेंसियां अभी भी यह अनुमान लगा रही हैं कि कच्चा तेल निकट भविष्य में 100 डालर के स्तर को पार कर सकता है। Share Market
बीएसई का मानक सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को 845 अंक की गिरावट के साथ 73,400 के स्तर पर बंद हुआ। यह पिछले दो हफ्तों के दौरान सेंसेक्स का सबसे निचला स्तर है।

दिनभर के कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 929 अंक तक की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 247 अंकों की गिरावट के साथ 22,723 अंक पर बंद हुआ।

रिसर्च एजेंसी पांच पैसा डाट काम के शोध प्रमुख रुचित जैन का कहना है कि वैश्विक स्तर पर लगातार नकारात्मक खबरों का असर दिख रहा है। इसलिए तेल व गैस को छोड़कर बाजार के सभी सेक्टरों में गिरावट है। अभी अनिश्चितता बने रहने की संभावना है।

ऐसे में बाहर से जो सूचनाएं आएंगी, उसका असर बाजार पर काफी रहेगा। मेहता इक्विटीज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) प्रशांथ तप्से का कहना है कि वैश्विक स्तर पर निवेशक डरे हुए हैं और वह मुनाफावसूली की कोशिश कर रहे हैं।

वैश्विक तनाव बढ़ने से ब्याज दरों को लेकर भी अनिश्चितता पैदा हो गई है। आने वाले दिनों में इसका असर भी शेयर बाजार पर होगा। बाजारों में रही इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में 5.18 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।

अब बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण घटकर 394.48 लाख करोड़ रुपये रह गया है।

रुपये में ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं

मुद्रा बाजार की बात करें तो सोमवार को डालर के मुकाबले रुपया छह पैसे कमजोर होकर 83.44 के स्तर पर बंद हुआ है। पिछले शुक्रवार को भी रुपया सात पैसे कमजोर हुआ था।

बहरहाल, विशेषज्ञ इस गिरावट से चिंतित नहीं है और इससे ज्यादा भविष्य पर नजर बनाकर रखने की बात कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि भारतीय इकोनमी की बेहद मजबूत स्थिति, महंगाई का स्तर नीचे बने रहना और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की वजह से सोना और चांदी की कीमतों में रहा उछाल
अगर सराफा बाजार की बात करें तो वहां तेजी का माहौल है।

जब भी वैश्विक अनिश्चितता होती है तो सोने की कीमतों में तेजी रहती है। सोमवार को सोने की कीमतों में 300 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमतों में 500 रुपये प्रति किलो की तेजी देखी गई है। सोने का भाव 73,050 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 85,700 प्रति किग्रा पर बंद हुई।

कामा ज्वेलरी के एमडी कोलिन शाह का कहना है कि सराफा बाजार में पहले से ही तेजी थी। अब ईरान-इजरायल विवाद की वजह से निवेशकों के लिए यह बाजार ज्यादा सुरक्षित होगा। जोखिम वाले निवेश विकल्पों से पैसा निकाल कर सराफा में निवेश किए जाने की संभावना है। फिलहाल सोने की कीमतों को लेकर कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।

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Author: BNPNEWS

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