BNP NEWS DESK। Floods in Ganges वाराणसी में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके चलते गुरुवार की सुबह असि घाट, सुबह-ए-बनारस का आरती स्थल, मंच जलमग्न नजर आया। पुराने असि घाट पर बाढ़ का पानी सड़क तक आ पहुंचा है। शाम के छह बजे तक गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 1.91 मीटर नीचे था। हालांकि, यह सुबह आठ बजे तक 68.35 मीटर पर पहुंचने के बाद से ही स्थिर बना हुआ है।
Floods in Ganges काशी के प्रमुख तीर्थों में दशाश्वमेध घाट, नमो घाट आदि पहले ही डूब चुके हैं। महाश्मशान मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र घाट डूबने के बाद शवदाह अब मणिकर्णिका की छत पर तो हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में होने लगा है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर भी बाढ़ की चपेट में है, मंदिर जलमग्न होने के कारण मां शीतला की चल प्रतिमा को अहिल्याबाई घाट स्थित अहिलेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित कर पूजा की जा रही है। मान्यता है कि मां गंगा स्वयं मां शीतला का अभिषेक करती हैं, इस दौरान मंदिर का विग्रह गंगा में डूबा रहता है, उन्होंने बताया कि तब तक मां शीतला का दैनिक राग-भोग, शृगार और सभी पहर की आरती अहिलेश्वर महादेव मंदिर में ही सम्पन्न कराया जाता है। जलस्तर घटने के बाद जमा मिट्टी को साफ करने के बाद पुनः मूल मंदिर में स्थित मां के विग्रह की पूजा आरंभ होती है।
वरुणा की बाढ़ से सलारपुर क्षेत्र के घरों में घुसा चार फीट तक पानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही वरुणा नदी भी तेजी से बढ़ने लगी हैं। सारनाथ क्षेत्र में वरुणा नदी के तटवर्ती सलारपुर क्षेत्र के आधा दर्जन मकानों में लगभग चार फीट तक पानी घुस गया है। लोग अपना आशियाना छोड़कर चार दिनों से दूसरे स्थानों पर शरण लिए हैं। वरुणा नदी से सटे रेलवे लाइन के सलारपुर इलाके में सोमवार की रात बाढ़ का पानी मकानों में घुस गया। उधर पुराना पुल पुलकोहना छोटी मस्जिद के पास नाले से सटे मकानों की चौखट तक पानी पहुंच चुका है। Floods in Ganges
















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