BNP NEWS DESK। waff bill संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद भी वक्फ संशोधन विधेयक की सियासी लड़ाई अभी थमी नहीं है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इसके खिलाफ अब कानूनी लड़ाई लड़ने की ताल ठोक दी है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने संसद से पारित वफ्फ संशोधन विधेयक में विधायी खामियां गिनाते हुए जल्द ही इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की है।
waff bill आइएनडीआइए की एक प्रमुख घटक द्रमुक ने भी विधेयक के खिलाफ अदालत जाने के इरादे साफ कर दिए हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस भी वक्फ विधेयक को चुनौती देने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के कांग्रेस के रुख की घोषणा
वफ्फ संशोधन विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के कांग्रेस के रुख की घोषणा पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर जारी एक संक्षिप्त बयान में की। जयराम ने कहा कि कांग्रेस बहुत जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन विधेयक को संवैधानिक कसौटी पर चुनौती देगी। waff bill
संसद सत्र खत्म होने के बाद कांग्रेस की आधिकारिक प्रेस कांफ्रेंस
कांग्रेस को पूरा भरोसा है कि हम भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों, प्रविधानों और प्रथाओं पर मोदी सरकार की ओर से हो रहे सभी हमलों का विरोध करना जारी रखेंगे।
संसद सत्र खत्म होने के बाद कांग्रेस की आधिकारिक प्रेस कांफ्रेंस में इस बारे में पूछे गए सवालों पर राज्यसभा में पार्टी के उपनेता प्रमोद तिवारी ने भी जयराम की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि कानून की कई कसौटियों पर वक्फ विधेयक में कई गंभीर त्रुटियां हैं, जो न्यायालय की समीक्षा में खरी नहीं उतरेंगी।
इस बीच, कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और एआइएमआइएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन विधेयक की वैधता को चुनौती देते हुए कहा कि यह संवैधानिक प्रविधानों का उल्लंघन करता है।
भाजपा सरकार के दौरान पारित कुछ कानूनों को संवैधानिक और विधायी कसौटी पर सर्वोच्च अदालत में चुनौती देते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की कांग्रेस की प्रतिबद्धता असंदिग्ध होने का संदेश देने के लिए जयराम रमेश ने कुछ मामलों का हवाला भी दिया।
उन्होंने कहा कि 2019 में पारित सीएए को कांग्रेस ने चुनौती दी है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में किए गए 2019 के संशोधनों के खिलाफ भी कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है।
इसी तरह चुनाव नियमों के संचालन के लिए 2024 में किए गए संशोधन की वैधता को कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई चल रही है।
जयराम ने कहा कि पूजा स्थल अधिनियम, 1991 की मूल भावना को बनाए रखने के लिए कांग्रेस के हस्तक्षेप पर भी सर्वोच्च न्यायालय विचार कर रहा है। कांग्रेस से पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक नेता एमके स्टालिन ने गुरुवार को ही वक्फ विधेयक के खिलाफ अदालत जाने की घोषणा कर दी थी।
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