BNP NEWS DESK। stock market अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आयात पर ज्यादा टैरिफ (शुल्क) लगाने की घोषणा और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के कारण मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में डेढ़ प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही। सभी सेक्टरों में हुई बिकवाली के चलते बीएसई का मानक सूचकांक 1,235.08 अंक की गिरावट के साथ 75,838.36 अंक पर बंद हुआ। यह सेंसेक्स का सात महीने का निचला स्तर है। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,431.57 अंक गिरकर 75,641.87 के निचले स्तर तक पहुंचा था।
stock market इसी तरह, एनएसई का निफ्टी 320.10 अंक गिरकर 23,024.65 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 23 हजार के स्तर से नीचे पहुंच गया था। शेयर बाजारों की इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में 7.52 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। अब बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण घटकर 424.07 लाख करोड़ रुपये या 4.90 ट्रिलियन डालर रह गया है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शपथ ग्रहण के दिन पड़ोसी देशों पर व्यापार शुल्क लगाने की घोषणा की है। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है।
अधिक निकासी की संभावना का भी बाजारों पर दबाव दिख रहा
इसके परिणास्वरूप शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई और घरेलू बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। तीसरी तिमाही की आय में कमजोर सुधार, रुपये में गिरावट के कारण विदेशी निवेशकों की ओर से और अधिक निकासी की संभावना का भी बाजारों पर दबाव दिख रहा है। stock market
तीसरी तिमाही में कमजोर आय के कारण सेंसेक्स में जोमैटो के शेयरों में सबसे ज्यादा 10.92 प्रतिशत की गिरावट रही है। इसके अलावा एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, आइसीआइसीआइ बैंक, एसबीआइ, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा और एक्सिस बैंक के शेयर भी गिरकर बंद हुए। सेंसेक्स में केवल अल्ट्राटेक सीमेंट और एचसीएल टेक्नोलाजीज के शेयरों में बढ़त रही। व्यापक बाजारों की बात करें तो बीएसई मिडकैप में दो प्रतिशत और स्मालकैप सूचकांक में 1.94 प्रतिशत की गिरावट रही।
डालर के मुकाबले 14 पैसे लुढ़का रुपया
घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली व अमेरिकी डालर इंडेक्स में सुधार के चलते बुधवार को भारतीय रुपया में 14 पैसे की गिरावट रही और यह अमेरिकी डालर के मुकाबले 86.59 के स्तर पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि आने वाले समय में प्रमुख वैश्विक घटनाक्रमों और घरेलू आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए रुपये में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
एक हजार करोड़ का आइपीओ लाएगी ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज
कंडक्टर्स और बिजली केबल बनाने वाली कंपनी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आइपीओ) के जरिये एक हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी ने सेबी के पास प्रारंभिक दस्तावेज जमा कर दिए हैं।
मसौदा दस्तावेजों के अनुसार, आइपीओ में 600 करोड़ रुपये के नए शेयर और 400 करोड़ रुपये के प्रमोटर शेयर बिक्री के लिए पेश किए जाएंगे। इसी तरह, डेकोरेटिव वाल पैनल बनाने वाली कंपनी यूरो प्रतीक ने भी 730 करोड़ रुपये के आइपीओ के लिए सेबी के पास मसौदा दस्तावेज जमा कर दिए हैं।
उधर, जीबी लाजिस्टिक्स कामर्स लिमिटेड ने मंगलवार को अपने 25.07 करोड़ रुपये के आइपीओ के लिए प्राइस बैंड 95-102 रुपये प्रति शेयर तय किया। इस एसएमई आइपीओ में 24-28 तक शेयर खरीदने के लिए आवेदन किया जा सकता है।








