बीएनपी न्यूज डेस्क। विशाल भारत संस्थान, मुस्लिम महिला फाउण्डेशन एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयुक्त तत्वावधान में परम्परों एवं पूर्वजों से एक : हम भारत के लोग विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन लमही स्थित इन्द्रेश नगर के सुभाष भवन में किया गया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि राष्ट्रवादी विचारक इन्द्रेश कुमार एवं मुस्लिम महिला फाउण्डेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीपोज्वलन कर संगोष्ठी का शुभारम्भ किया। संगोष्ठी में काशी प्रांत के वाराणसी सहित आजमगढ़, गाजीपुर, चन्दौली, मिर्जापुर, जौनपुर, सोनभद्र आदि विभिन्न जनपदों के मुसलमानों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि इन्द्रेश कुमार ने कहा कि पूरी दुनिया में यूरोप के देशों में दुल्हा दुल्हन के जोड़े सफेद होते हैं। वहीं एशियाई देशों सहित भारत में लाल जोड़ा पहनने की परम्परा है, जोकि लाल रंग प्रेम का प्रतीक है। यह जोड़ा हिन्दू–मुसलमान दोनों में प्रचलित है। अन्य बहुत सी परम्पराओं में आज भी समानताएं देखी जाती हैं। बहुत सारे धर्म परिवर्तित मुस्लिम आज भी आपनी पुरानी परम्पराओं का निर्वहन करते हैं, जिनके पूर्वज खून खानदान से एक हैं। भारत के हिन्दु-मुस्लिम अगर अपने पूर्वजों का इतिहास पढ़ें तो सांझा सांस्कृतिक विरासत और मजबूत होगी। कुंअर नवल सिंह उर्फ दीनदार खाँ का इतिहास साँझा विरासत का एक प्रमाण है। दीनदार ख़ां सांझा इतिहास के नायक हैं जिनके बारे में जानना सबको आवश्यक है।
वहीं इन्द्रेश कुमार ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से आजादी दिलाने वालों का साथ दें। रोज दंगे होते थे, मुस्लिम महिलाएं बच्चों सहित बेघर हो जाती थीं, गुण्डा, अपराधी इज्जत लूटते थे, कोई मदद नहीं करता था, अब दंगे नहीं होते। हमारे परिवार में किसी की तबियत खराब होने पर पैसे के अभाव में चिकित्सालय नहीं जाते थे। प्राइवेट डाक्टर बहुत पैसा मांगते थे, हमारे पास पैसा नहीं था। सरकार की आयुष्मान योजना का कार्ड हमें मिला अब बीमार होने पर इलाज की चिंता नहीं रहती। जिन्ना, मुस्लिम लीग जिसने हमारे प्यारे मादरे वतन के टुकड़े कराये, हमें आपस में लड़ाया। उसे देशभक्त और अच्छा इंसान कहा जाना बहुत बड़ा पाप है। यह बहादुर शाह जफर, असफाक उल्लाह खाँ, बेगम हजरत महल जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान है। जो जिन्ना का नाम ले उसका पूर्ण बहिष्कार हो। चीन हमारे खेत खलिहान, जमीन पर कब्जा करना चाहता है। पहले ही हजारों वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा करके बैठा है। जो चीन को सबक सीखाये उसे हमारा समर्थन जरूर होना चाहिये। ऐसा पाकिस्तान जो हमारे मुल्क में बम फोड़े, निर्दोशों की जान ले, ऐसे पाकिस्तान से जो हमारी सुरक्षा करे उसको हमारा समर्थन होना चाहिये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के मुस्लिमों को मदरसों में एक हाथ में कुरआन और दूसरे में कम्प्यूटर की बात कही है, जो हमें दीन दे, तालीम दे, तरक्की दे उसको समर्थन मिलना चाहिये।
इस मौके पर मंचासीन अतिथियों में मुस्लिम महिला फाउण्डेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के काशी प्रांत के संयोजक मौलाना शफीक अहमद मुजद्दीदी, सैय्यद सरफराज पहलवान, अल दीनदार शम्सी अकादमी के प्रबंधक/सचिव कुंअर मुहम्मद नसीम रजा खाँ, मोमिन कॉन्फ्रेन्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० अख्तर अंसारी, मौलाना मोहम्मद अख्तर, मोहम्मद शहजादे शामिल रहे। संगोष्ठी का संचालन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के पूर्वी उप्र के संयोजक मो० अजहरूद्दीन ने किया। संगोष्ठी में प्रमुख रूप से विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० राजीव श्रीगुरूजी, गया के चुन्नू साईं जी महाराज, मौलाना कलीम अशरफ, ताज मोहम्मद, नसीर बाबा, सईद अंसारी, कासिम अली हैदर अली, शाहिद अंसारी, मेहताब खान, सलाउद्दीन, निजामुद्दीन, सुलेमान, मोहम्मद इब्राहिम आदि लोग मौजूद रहे।
Discussion about this post