BNP NEWS DESK। Radhika Yadav गुरुग्राम में 25 वर्षीय राष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की उनके पिता दीपक यादव द्वारा गोली मारकर हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। इंटरनेट पर वायरल हुई वॉट्सऐप चैट में राधिका ने अपने कोच अजय यादव के साथ अपनी मन की बात साझा की थी।
टेनिस खिलाड़ी और अपनी ही बेटी राधिका की हत्या के आरोपित पिता दीपक यादव को अब अपराधबोध हो रहा है। हत्या के अपने अपराध के लिए उन्होंने स्वयं को फांसी दी जाने की मांग की है।
Radhika Yadav चैट में राधिका ने बताया कि वह घर में लगी बंदिशों से तंग आ चुकी थीं और स्वतंत्र जीवन जीने के लिए दुबई या ऑस्ट्रेलिया जाना चाहती थीं। उन्होंने अक्टूबर-नवंबर तक विदेश जाने की योजना बनाई थी, लेकिन उनके पिता ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
लाइफ एन्जॉय करना चाहती हूं: राधिका
राधिका ने चैट में अजय से कहा, “इधर काफी रिस्ट्रिक्शन्स हैं, लाइफ एंजॉय करना चाहती हूं।” उन्होंने चीन जाने के प्रस्ताव को यह कहकर ठुकरा दिया कि वहां खाने-पीने की समस्या होगी, जबकि दुबई में अजय और ऑस्ट्रेलिया में उनका परिवार है। राधिका ने यह भी जिक्र किया कि वह एक-दो महीने तक स्वतंत्र रूप से घूमना चाहती थीं।
पुलिस जांच में सामने आया कि राधिका की बढ़ती आर्थिक स्वतंत्रता और उनकी टेनिस कोचिंग से पिता नाखुश थे। दीपक ने स्वीकार किया कि वह गांव वालों के तानों से तंग थे, जो कहते थे कि वह बेटी की कमाई पर जी रहे हैं।
दीपक को 14 दिन को न्यायिक हिरासत में भेजा
पुलिस ने इस हत्या को सुनियोजित बताया है। दीपक ने अपने बेटे को दूध लाने भेजकर राधिका के साथ अकेले रहने का मौका बनाया और फिर अपनी लाइसेंसी .32 बोर रिवॉल्वर से चार गोलियां मारीं, जिसमें से तीन गोलियां राधिका की छाती में और एक कंधे में लगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने प्रारंभिक FIR के दावे को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि गोलियां पीठ में लगी थीं।
दीपक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और पुलिस राधिका की सोशल मीडिया गतिविधियों, खासकर उनके म्यूजिक वीडियो “करवां” और परिवार के दबाव की जांच कर रही है।
पिता दीपक यादव ने अपने लिए मांगी फांसी की सजा
टेनिस खिलाड़ी और अपनी ही बेटी राधिका की हत्या के आरोपित पिता दीपक यादव को अब अपराधबोध हो रहा है। हत्या के अपने अपराध के लिए उन्होंने स्वयं को फांसी दी जाने की मांग की है। रिमांड के दौरान दीपक यादव ने केवल इतना ही कहा कि उनसे कन्या वध हो गया। ऐसी एफआइआर लिखी जाए, जिससे कि उन्हें फांसी की सजा हो जाए। Radhika Yadav
रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया। उधर, हत्या के असल कारणों का अब भी पता नहीं चल पाया है। संभावना है कि राधिका के मोबाइल की जांच में निकले तथ्यों के आधार पर ही कुछ पता चल सके। हालांकि, इंटरनेट मीडिया अकाउंट डिलीट होने से असल कारण तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
पुलिस का फोकस मोबाइल की गैलरी और काल डिटेल पर टिकी है। परिवार के सदस्य अब भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन जांच में एक नई जानकारी सामने आई है कि अकादमी राधिका की नहीं थी। वह सेक्टर 56 में थाने के पास ही एक सरकारी जमीन पर बने कोर्ट को किराये पर लेकर बच्चों को टेनिस सिखाती थी।
















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