नाइजीरिया से प्रगाढ़ करेंगे रणनीतिक रिश्ते: पीएम मोदी

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BNP NEWS DESK।  Modi in Nigeria आर्थिक दृष्टिकोण से सबसे संपन्न अफ्रीकी देशों में से एक नाइजीरिया और भारत के मधुर रिश्तों में आने वाले दिनों में गर्माहट और तेज होने के आसार है। खासतौर पर दोनों देशों के बीच आर्थिक व सैन्य सहयोग के नए युग की शुरुआत होने के संकेत है। पीएम नरेन्द्र मोदी शनिवार को देर रात राजधानी आबुजा पहुंचने वाले हैं। रविवार को उनकी राष्ट्रपति बोला अहमद तिनुबू के साथ द्विपक्षीय बैठक में आपसी सहयोग को लेकर कई नई घोषणाएं होने की संभावना है।

Modi in Nigeria भारत की पूरी कोशिश है कि 17 वर्ष किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नाइजीरिया यात्रा का दूरगामी असर हो। पीएम मोदी की इस यात्रा से नाइजीरिया में भारतीय कंपनियों के निवेश के लायक बेहतर माहौल बनाने में मदद मिलेगी। हाल के वर्षों में दर्जनों भारतीय कंपनियों ने नाइजीरिया में निवेश की शुरुआत की है।

असलियत में नाइजीरिया उन गिने-चुने अफ्रीकी देशों मे शामिल है, जहां भारतीय कंपनियां सफलतापूर्वक चीनी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

‘नाइजीरिया पश्चिमी अफ्रीका में हमारा एक करीबी साझेदार है

नाइजीरिया, ब्राजील (जी-20 शिखर बैठक के लिए) और गुयाना की यात्रा पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने जारी बयान में कहा, ‘नाइजीरिया पश्चिमी अफ्रीका में हमारा एक करीबी साझेदार है। हमारी इस यात्रा से लोकतंत्र व बहुवादी व्यवस्था में साझा भरोसा रखने वाले भारत व नाइजीरिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने में मदद मिलेगी। मैं वहां भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने को भी उत्सुक हूं।’ Modi in Nigeria

इससे पहले वर्ष 2007 में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने नाइजीरिया की यात्रा की थी। शीर्ष स्तर पर यात्रा नहीं होने का असर द्विपक्षीय रणनीतिक रिश्तों पर कितना पड़ा यह तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस दौरान चीन ने नाइजीरिया में भारी-भरकम निवेश कर लिया है।

चीन की बेल्ट एंड रोड इनिसिएटिव (बीआरआइ-दूसरे देशों में इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने की योजना) कार्यक्रम के तहत नाइजीरिया में बंदरगाह, रेलवे नेटवर्क, औद्योगिक पार्क और तिपहिया ईवी मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाने में चीन ने निवेश किया है।

जिसका असर वहां होने वाले भारतीय निवेश पर भी

चीनी कंपनियों ने वहां के खनिज क्षेत्र में बड़ा निवेश किया है और आज की तारीख में नाइजीरिया से वह बड़े पैमाने पर बहुमूल्य धातुओं का आयात करता है। कूटनीतिक सूत्र बताते हैं कि पिछले एक दशक में भारतीय कूटनीति ने अफ्रीका में नाइजीरिया समेत अन्य देशों के साथ रिश्तों पर ज्यादा ध्यान दिया है।

 

जिसका असर वहां होने वाले भारतीय निवेश पर भी दिख रहा है। अगर नाइजीरिया की बात करें तो भारतीय कंपनियों आज चीन की कंपनियों के मुकाबले कम नहीं हैं। तकरीबन 200 भारतीय कंपनियां वहां कार्यरत हैं, जिन्होंने कुल 27 अरब डालर का निवेश किया है। Modi in Nigeria

चीन के मुकाबले भारतीय कंपनियों को आम जनता में ज्यादा इज्जत दी जाती है। यह भी चौंकाने वाला तथ्य है कि नाइजीरिया में वहां की सरकार के बाद भारतीय कंपनियों ने सबसे ज्यादा रोजगार दिया है।

पीएम मोदी जब नाइजीरिया के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए बैठेंगे तो इसमें बहुमूल्य खनिज क्षेत्र में भारतीय निवेश की संभावनाओं पर भी बात होगी। नाइजीरिया में यूरेनियम, थोरियम, नियोबियम, टैंटालम, वैनिडियम, जिरकोनियम जैसे उन खनिजों का बड़ा भंडार है जिसका उपयोग संचार, वाहनों व रिनीवेबल सेक्टर में होता है। भारत ने नाइजीरिया को 10 करोड़ डालर का आसान ब्याज दरों पर कर्ज भी मुहैया करा रखा है।

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Author: BNPNEWS

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