BNP NEWS DESK। Annakoot Festival धर्मसम्राट स्वामी करपात्रीजी महाराज की तपोस्थली, धर्मसंघ मणि मंदिर में अन्नकूट महोत्सव सनातन धर्म में सामाजिक समरसता का वाहक बनेगा। धर्मसंघ ने लगातार चौथे वर्ष सनातन धर्मावलंबियों से अपने घर की रसोई में बने नैवेद्य की थाली अन्नकूट महोत्सव में भाेग के लिए अर्पित करने का संदेश जारी किया है। इसके लिए इस बार पांच हजार परिवारों की रसोई से थालियों काे महोत्सव के अनुष्ठान में सम्मिलित करने का लक्ष्य रखा गया है।
धर्मसंघ महोत्सव का रूप ले चुके ‘अन्नकूट’ पर्व को धार्मिक अनुष्ठान के रूप में स्थापित करते हुए मनाता है। इसके लिए 108 बटुक व वैदिक विद्वान अनुष्ठान में ‘श्रीअन्नूपर्णा स्तोत्रम’ ‘श्रीसूक्त’ व ‘कनकधारा’ के श्लोकों का पाठ करेंगे। पूरे विधि-विधान से प्रभु को 56 भोग लगाए जाएंगे। अगले दिन परिवारों से आई इन्हीं थालियों के भोगों को मिलाकर उसका प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा।
Annakoot Festival धर्मसंघ के सचिव पं. जगजीतन पांडेय ने बताया कि आजकल मंदिरों में भी ‘अन्नकूट’ जैसे विशुद्ध धार्मिक व वैज्ञानिक पर्व को ‘महोत्सव’ या ‘इवेंट’ बना दिया गया है, जबकि सनातन धर्म में हमारे पर्व विशुद्ध अनुष्ठान हैं। ये समाज में नई संचेतना, ऊर्जा व समरसता का संदेश प्रवाहित करते हैं। धर्मसंघ ‘अन्नकूट महोत्सव’ हो ‘महाशिवरात्रि’ या ‘श्रीकृष्ण जन्मोत्सव’ इन महापर्वों में सामाजिक सहभागिता बढ़ाने पर बल दे रहा है।
‘अन्नकूट’ पर्व पर भक्त अपने ईष्ट को नवान्नों से बने पकवानों के 56 भोग समर्पित करते हैं। इस बार पांच हजार परिवारों की रसोई की थाली को सम्मिलित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बैनरों, पोस्टरों के अतिरिक्त इंटरनेट मीडिया के माध्यमों से प्रचार-प्रसार कर लोगों को जोड़ा जा रहा है।
धर्मसंघ भक्तों में प्रसाद वितरित करने की परंपरा के नाते 151 क्विंटल प्रसाद अपनी रसोई में बनवाएगा। इनमें पहली बार श्रीअन्न का प्रयोग किया जाएगा। तरह-तरह की मिठाइयां, नमकीन व अन्य व्यंजन होंगे। नारियल के लड्डू भी विशेष तौर पर तैयार किए जा रहे हैं।
















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