BNP NEWS DESK। Conspiracy to murder professor बीएचयू में तेलुगु के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सीएस रामाचंद्रामूर्ति की हत्या साजिश पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. बूदाटी वैंकटेश लू ने रची थी। भाड़े के बदमाशों से उन पर हमला कराया था। पुलिस ने एक हमलावर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। एक साजिशकर्ता को तेलंगाना से ट्रांजिट रिमांड पर वाराणसी लाया गया है।
पूर्व विभागाध्यक्ष के षड्यंत्र का राजफाश हुआ
Conspiracy to murder professor इसके बाद पूर्व विभागाध्यक्ष के षड्यंत्र का राजफाश हुआ। इस मामले में प्रो. बूदाटी वैंकटेश समेत सात आरोपितों की तलाश की जा रही है। मामले में अभी तक तीन आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं और प्रो. बूदाटी सहित छह लोगों की तलाश की जा रही है।
एडीसीपी क्राइम सरवणन टी ने बुधवार को बताया कि बीते 28 जुलाई को परिसर में प्रो. सीएस रामाचंद्रामूर्ति पर बाइक सवार दो बदमाशों ने हमला किया था। हमलावरों ने लोहे के राड से मारकर उनके दोनों हाथ तोड़ दिए थे। शरीर में अन्य जगहों पर भी गंभीर चोटें आई थीं। प्रो. रामाचंद्रामूर्ति उस समय विभाग से अपने आवास जा रहे थे।
पुलिस ने एक हमलावर प्रयागराज के रामनगर, मेजा निवासी गणेश पासी उर्फ प्रमोद को मंगलवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। गणेश के बाएं पैर में गोली लगी है और उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
एक अन्य साजिशकर्ता बी. भास्कर को तेलंगाना से ट्रांजिट रिमांड पर वाराणसी लाया गया है। भास्कर तेलंगाना के नारायणपेट का रहने वाला है।
उसने पुलिस को बताया कि 2016 से 2018 तक अनंतपुर जिले के आंध्र प्रदेश सेंट्रल विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया। इस दौरान प्रो. बूदाटी वैंकटेश लू से उसका संपर्क हुआ। 2018 के बाद प्रो. बूदाटी बीएचयू आ गए, लेकिन संपर्क बना रहा। बीते मई में उन्होंने भास्कर को वाराणसी बुलाया।
प्रो. वैंकटेश को एचओडी पद से हटवा दिया था
वह लगभग एक सप्ताह उनके पास ठहरा। यहीं पर बिहार के कैमूर विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर कासिम बाबू से भी मुलाकात हुई थी। दोनों ने बताया कि प्रो. रामाचंद्रामूर्ति ने शिकायत करके प्रो. वैंकटेश को एचओडी पद से हटवा दिया था।
इसलिए प्रो. वैंकटेश उनकी हत्या करना चाहते हैं ताकि फिर से विभागाध्यक्ष और कासिम बाबू बीएचयू में परमानेंट असिस्टेंट प्रोफेसर बन सके। कासिम बार-बार भास्कर को फोन करके प्रोफेसर मूर्ति की हत्या के लिए उकसाता रहता।
यह बात भास्कर ने तेलंगाना के मकथल के रहने वाले अपने दोस्त मोहम्मद कासिम को बताई। दोनों 25 जुलाई को विमान से वाराणसी आए और लंका के होटल वाराणसी विला में रुके। मो. कासिम ने अपने दोस्त प्रयागराज के प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी से मुलाकात कराई। उससे प्रोफेसर मूर्ति की हत्या के बदले रुपये देने की बात तय हुई। मो. कासिम ने उसे 48 हजार रुपये भी दिए।
















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