चुनाव आयोग ने दिखाए तेवर, यूपी, बिहार सहित छह राज्यों के गृह सचिवों को हटाया

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BNP NEWS DESK। election Commission लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड सहित छह राज्यों के गृह सचिवों को उनके पद से हटा दिया है। इनके खिलाफ यह कार्रवाई गृह सचिव के साथ मुख्यमंत्री सचिवालय में भी तैनाती होने के चलते की गई है। आयोग ने इसके साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय से जुड़े हिमाचल प्रदेश और मिजोरम के सामान्य प्रशासन विभाग ( जीएडी) के सचिव को भी उनके पद से हटा दिया है।

आयोग की ओर से बड़े स्तर पर की गई कार्रवाई

election Commission वहीं जिन छह राज्यों के गृह सचिवों को हटाया गया है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार व उत्तराखंड के साथ गुजरात, झारखंड और हिमाचल प्रदेश भी शामिल है। आयोग की ओर से बड़े स्तर पर की गई इस कार्रवाई ने सभी राज्यों के प्रशासनिक हल्कों में खलबली मचा दी है।

आयोग ने इस दौरान पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार के खिलाफ फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें लगातार तीसरी बार चुनाव से पहले पद से हटाया दिया है। इससे पहले 2016 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी उन्हें पद से हटा दिया गया था। आयोग ने इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को डीजीपी पद के लिए तीन वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों का एक पैनल मुहैया कराने के निर्देश दिए है।

राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को एक लेवल प्लेइंग फील्ड मुहैया कराने के  लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध

आयोग ने इस दौरान तीन साल से अधिक समय से एक जगह पर जमें बृहन्मुंबई महानगरपालिका निगम (बीएमसी) के कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर व डिप्टी कमिश्नर को भी हटाने के निर्देश दिए है। आयोग ने इस दौरान साफ किया है कि चुनाव में वह सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को एक लेवल प्लेइंग फील्ड मुहैया कराने के अपने लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। जहां भी उन्हें गड़बड़ी दिखेगी वह उससे सख्ती से निपटेंगे।

चुनाव आयोग ने यह कार्रवाई सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार व सुखविंदर सिंह संधू के साथ चुनावी तैयारी की समीक्षा करने के बाद की है। जिसमें पाया गया कि कई राज्यों में गृह सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अपनी इस जिम्मेदारी के साथ मुख्यमंत्री सचिवालय के साथ भी जुड़े हुए है।

ऐसे में यह चुनाव में किसी पार्टी को फायदा पहुंचा सकते है। गृह सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव का पद वैसे भी राज्य में काफी अहम माना जाता है। चुनाव के दौरान अधिकारियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की जिम्मा इन्हीं के कंधों पर रहता है। गौरतलब है कि चुनाव की घोषणा के पहले ही आयोग सभी राज्यों व संघ शासित प्रदेशों को तीन साल से एक ही जगह पर जमे ऐसे सभी अधिकारियों को हटाने के दिए थे। साथ कहा था कि इन दौरान भी ध्यान में रखा जाए कि उनके तबादलों के नाम पर खानापूर्ति न की जाए। यानी एक लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाले दूसरे जिलों में उन्हें भूलकर भी तैनाती न दी जाए।

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Author: BNPNEWS

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