BNP NEWS DESK। Gyanvapi survey ज्ञानवापी परिसर में चल रहे सर्वे की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 15 दिनों का और समय देने के लिए जिला जज की अदालत में शुक्रवार को प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। एक वकील के निधन के शोक के कारण वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया और सुनवाई नहीं हो सकी। जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए शनिवार की तारीख दी है।
Gyanvapi survey स्टैंडिंग गवर्नमेंट काउंसिल अमित कुमार श्रीवास्तव की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि अदालत के आदेश पर ज्ञानवापी में हुए सर्वे की रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हो सकी है। सर्वे में इस्तेमाल ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार तकनीक से मिली जानकारियों को भी रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है और इसमें थोड़ा वक्त लग रहा है।
एएसआइ के और समय मांगने पर मस्जिद पक्ष की ओर से आपत्ति की गई है। एएसआई की ओर से पांचवीं बार रिपोर्ट सौंपने के लिए मोहलत मांगी गई है। मंदिर पक्ष ने 16 मई को जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर ज्ञानवापी परिसर (सुप्रीम कोर्ट की ओर से सील किए गए वुजूखाने को छोड़कर) के एएसआइ सर्वे का आदेश देने की मांग की गई थी।
कोर्ट ने 21 जुलाई को सर्वे करने का आदेश दिया था। प्रतिवादी मस्जिद पक्ष की ओर से अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट जाने का आदेश देते हुए 26 जुलाई तक सर्वे पर रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट ने तीन अगस्त को सर्वे की अनुमति दे दी। चार अगस्त से ज्ञानवापी परिसर में सर्वे शुरू किया गया।
सर्वे टीम में शामिल विशेषज्ञ
ज्ञानवापी में सर्वे कर रही टीम में रसायन शास्त्री, भाषा विशेषज्ञ, सर्वेयर, अत्याधुनिक मशीनों को संचालित करने वाले टेक्निशियन के साथ साफ-सफाई करने वाले शामिल हैं। दिल्ली से एक फोटोग्राफर व एक वीडियोग्राफर आए हैं। पुरातत्विक स्थलों पर काम करने का इनका लंबा अनुभव है।
रसायन शास्त्री आगरा से आए हैं तो जीपीआर व जीपीएस संचालित करने की विशेषता रुड़की की टीम की है। ऐतिहासिक इमारतों का अध्ययन व सर्वेक्षण करने वाले विशेषज्ञ पटना, बनारस, दिल्ली व लनखऊ से आए हैं। उन्नाव से आई टीम ऐतिहासिक इमारत के आसपास व अंदर साफ-सफाई करने में माहिर है।
रिपोर्ट सौंपने के लिए मिला है चार बार समय
– जिला जज ने 21 जुलाई के आदेश में एएसआई को चार अगस्त तक सर्वे रिर्पोट दाखिल करने का आदेश दिया था
– एएसआइ ने चार अगस्त को अदालत से चार सप्ताह का समय मांगा
– अदालत ने दो सितंबर तक सर्वे पूरा करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया
– दो सितंबर को एएसआई ने अदालत से आठ सप्ताह का समय और मांगा
– जिला जज की अदालत ने चार सप्ताह का समय दे दिया
– चार अक्टूबर को एएसआई ने फिर चार सप्ताह का समय मांगा
– कोर्ट ने एएसआई को चार सप्ताह का समय और देते हुए दो नवंबर तक रिपोर्ट देने को कहा
– दो नवंबर को एएसआई की ओर से फिर 15 दिनों का समय मांगा गया
– अदालत में मांग स्वीकार करते हुए 17 नवंबर को रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था






