BNP NEWS DESK। accident in varanasi राष्ट्रीय राजमार्ग (31) पर शनिवार तड़के तेज रफ्तार सोनेट (कीया) कार की चपेट में आने से साइकिल सवार दो चचेरे भाइयों की मौके पर मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल तीसरे भाई को बीएचयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
accident in varanasi कर्मयोगी तीनों चचेरे भाई अपनी-अपनी साइकिल से वितरण के लिए अखबार खरीदने चौबेपुर कस्बा स्थित सेंटर को घर से निकले थे। हादसा कार चालक को झपकी लगने से हुआ, लेकिन एक साइकिल सवार को टक्कर मारने के बाद भागने की फिराक उसने एक अन्य युवक की जान ले ली।
रोते-बिलखते स्वजन घटनास्थल पहुंचे तो गुस्साए ग्रामीणों ने कार का शीशा तोड़ डाला।
वाराणसी-गाजीपुर राजमार्ग की दोनों लेन को जाम कर मुआवजा और नौकरी की मांग करने लगे। एसडीएम सदर सार्थक अग्रवाल ने दैवीय आपदा कोष से मदद दिलाने का भरोसा दिया तो तीन घंटे बाद जाम खत्म हुआ और शव पोस्टमार्टम को भेजे गए। जेसीपी डा. के एजिल रसन, डीसीपी श्यामनारायण सिंहा, एडीसीपी सरवणन टी और एसीपी डा. अतुल अंजान त्रिपाठी पहुंचे थे।
शैल और संजीत थे परिवार का सहारा
चौबेपुर थाना क्षेत्र के ढकवां गांव निवासी 38 वर्षीय संजीत कुमार, 38 वर्षीय शैल कुमार और 35 वर्षीय प्रमोद राम 10-12 वर्षों से अखबार बांटते हैं। रोज की भांति तीनों सुबह साढ़े पांच बजे साइकिल से अखबार खरीदने हाईवे पर अपने लेन से चौबेपुर जा रहे थे।
उगापुर (पंडापुर) गांव के पास सुबह 5:50 बजे गाजीपुर जनपद के थाना बनहरा अंतर्गत ग्राम रसूलगढ़ निवासी और सहायक सहायक पंचायत राज अधिकारी और कार चालक विंध्याचल सिंह ने प्रमोद, शैल और संजीत की साइकिल में कार से टक्कर मारते भागने की कोशिश की, लेकिन अगले चक्के में साइकिल फंसने से सफल नहीं हो पाया।
चालक ने भागने को हाईवे पर सुनसान का फायदा उठाते कार में फंसी साइकिल को निकाल कर भागना चाहा, लेकिन उगापुर (पंडापुर) गांव के बलदाऊ ने रोक दिया। स्वजन और ग्रामीण पहुंचे तभी चौबेपुर पुलिस इलाज के लिए घायल प्रमोद के अलावा मृत शैल और संजीत को भी ले जाने की कोशिश की। गुस्साए ग्रामीणों ने प्रमोद को ले जाने दिया और दोनों शवों को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया।
गरीब मृत शैल और संजीत के बाद परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है। संयुक्त पुलिस आयुक्त डा. के एजिल रसन ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बधाया। कहा कि आगे कमर्शियल वाहन से हादसा होने पर गाड़ी मालिक पीड़ित परिवार के साथ समय बिताकर उनका दर्द जाने इसकी व्यवस्था करेंगे। शैल घर के इकलौते चिराग थे, दो भाइयों बृजेश की बीमारी से तो राजकुमार की रोड एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है। पीड़ित परिवारों को सरकारी योजना का भी बहुत लाभ नहीं मिला है।








