BNP NEWS DESK। Bank Strike देशभर के सरकारी बैंकों में अगले सप्ताह सोमवार से बुधवार तक (28, 29 और 30 सितंबर) तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है। इस दौरान शाखा स्तर की सेवाएं प्रभावित होने वाली हैं, लेकिन डिजिटल बैंकिंग पूरी तरह बंद नहीं होगी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि क्या बैंक ग्राहकों के साथ डिजिटल फ्राड करने वाले गिरोह इस मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं?
Bank Strike ग्राहकों के साथ बड़े पैमाने पर आनलाइन धोखाधड़ी न हो जाए, इस चिंता को देखते हुए भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि हड़ताल के बावजूद साइबर सिक्योरिटी आपरेशन सेंटर को चौबीसों घंटे सुचारु रखा जाए। फ्राड के जोखिम को कम करने वाली व्यवस्था को भी जारी करने को कहा गया है। काल सेंटर भी चलते रहेंगे।
देशभर के सरकारी बैंकों में अगले सप्ताह सोमवार से बुधवार तक रहेगी हड़ताल
उम्मीद है कि हड़ताल के दौरान बैंकों के एप, नेट बैंकिंग और यूपीआइ का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में धोखाधड़ी की आशंका बढ़ गई है। आइबीए ने 23 सितंबर को लिखे पत्र में कहा है कि 17 संवेदनशील सेवाओं में तैनात अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं होंगे, ताकि बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और जरूरी डिजिटल सेवाएं प्रभावित न हों।
बैंकिंग हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने किया है। उनकी प्रमुख मांगें हैं, मार्च 2024 के समझौते के अनुसार पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना (सभी शनिवार छुट्टी), परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव योजना से जुड़े विवाद का समाधान, पेंशन अपडेशन, सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फार्मूला तथा एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) से पुरानी पेंशन योजना में जाने का विकल्प। Bank Strike
इन सेवाओं को सुचारु रखने का निर्देश
जिन सेवाओं को हड़ताल के दौरान भी सुचारु रखना अनिवार्य है, उनमें सुरक्षा अधिकारी और निगरानी स्टाफ, डाटा सेंटर और डिजास्टर रिकवरी सेंटर (सीबीएस, सर्वर और नेटवर्क), पेमेंट, सेटलमेंट व रेमिटेंस हब (आरटीजीएस, एनईएफटी, आइएमपीएस, यूपीआइ, एनएसीएच आदि), एटीएम आपरेशन और स्विच सेंटर, करेंसी चेस्ट और कैश प्रोसेसिंग सेंटर, ट्रेजरी आपरेशन और स्विफ्ट सेल, साइबर सिक्योरिटी आपरेशन सेंटर (24 घंटे खतरे की निगरानी), क्लियरिंग प्रोसेसिंग सेंटर (चेक क्लियरिंग और सीटीएस), डिजिटल/अल्टरनेट डिलीवरी चैनल (इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग), फ्राड रिस्क मैनेजमेंट और संदिग्ध डिजिटल लेनदेन की निगरानी करने वाला प्रकोष्ठ (आइ4सी सेल) शामिल है। ये व्यवस्थाएं इसलिए जरूरी मानी गई हैं ताकि हड़ताल के दौरान भी यूपीआइ, नेट बैंकिंग, एटीएम नेटवर्क और सरकारी लेनदेन बाधित न हो। Bank Strike
डिजिटल बैंकिंग सुरक्षित रखने के टिप्स
-ओटीपी, पिन, सीवीवी, नेट बैंकिंग पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी से साझा ना करें
-फोन, एसएमएस या वाट्सएप पर आए लिंक पर क्लिक न करें
-आधिकारिक एप या बैंक की वेबसाइट खुद टाइप करके खोलें
-डिजिटल अरेस्ट, खाता फ्रीज, केवाईसी अपडेट या रिफंड का काल तुरंत काटें
-मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई पर एप लाक व ट्रांजेक्शन अलर्ट चालू रखें
-पिन, पासवर्ड नियमित तौर पर बदलें, एक ही पिन कई जगह न इस्तेमाल करें
-सार्वजनिक वाई-फाई पर नेट बैंकिंग या यूपीआइ पेमेंट न करें
-धोखा होने पर तुरंत ट्रांजेक्शन ब्लाक करें, बैंक को काल करे
-ऐसी स्थिति में साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें Bank Strike







